यूपी STF का बड़ा एक्शन, फर्जी विदेशी प्रोफाइल से ठगी करने वाला नाइजीरियाई नागरिक दिल्ली से गिरफ्तार

लखनऊ में 68 लाख की साइबर ठगी के मामले में यूपी STF ने नाइजीरियाई नागरिक को दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी विदेशी प्रोफाइल से ठगी करता था।

लखनऊ के 68 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में यूपी STF ने दिल्ली से नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी विदेशी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करता और कस्टम ड्यूटी के नाम पर रकम वसूलता था।

लखनऊ: यूपी STF ने सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों की फर्जी पहचान बनाकर भारतीय युवक-युवतियों से साइबर ठगी करने वाले नाइजीरियाई नागरिक न्वोगु ओबेद ओसिनाची को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करता था और महंगे गिफ्ट या विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा देकर बाद में कस्टम ड्यूटी और टैक्स के नाम पर पैसे वसूलता था।

फर्जी विदेशी प्रोफाइल बनाकर बनाता था दोस्ती

यूपी STF के मुताबिक आरोपी और उसके साथी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद भारतीय युवक-युवतियों को दोस्ती के जाल में फंसाकर महंगे गिफ्ट, डॉलर और पाउंड भेजने का भरोसा दिया जाता था।

गिफ्ट या विदेशी मुद्रा भारत पहुंचने के बाद पीड़ितों को बताया जाता था कि एयरपोर्ट पर सामान कस्टम अधिकारियों ने रोक लिया है। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बताकर कस्टम ड्यूटी और टैक्स जमा करने के नाम पर पैसे मांगते थे।

लखनऊ में 68 लाख रुपये की ठगी का मामला

जांच के दौरान लखनऊ के एक युवक से हुई 68 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया। आरोप है कि युवक को इंग्लैंड निवासी डोरिस विलियम के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए संपर्क में लिया गया था।

दोस्ती के बाद उसे विदेशी गिफ्ट भेजने का झांसा दिया गया। बाद में कस्टम और टैक्स के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई गई। मामले में लखनऊ के मड़ियांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

दिल्ली से पकड़ा गया आरोपी

STF की साइबर टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। इससे पहले गिरोह से जुड़े उचेनवा और ओबेस प्रोस्पर को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसके बाद वांछित चल रहे न्वोगु ओबेद ओसिनाची को दिल्ली के कमल विहार, बुराड़ी स्थित ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। STF के अनुसार आरोपी की उम्र 37 वर्ष है और वह मूल रूप से नाइजीरिया का रहने वाला है।

2022 में बिजनेस वीजा पर आया था भारत

पूछताछ में आरोपी ने STF को बताया कि वह वर्ष 2022 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह दिल्ली में रह रहा था। उसके साथियों ने उसे सोशल मीडिया के जरिए विदेशी पहचान बनाकर लोगों से ठगी करने का तरीका बताया था।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ठगी की रकम के लेनदेन के लिए भारतीय लोगों के बैंक खाते किराये पर लेता था। इन खातों के जरिए पीड़ितों से हासिल रकम को अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर किया जाता था।

11 मोबाइल फोन समेत कई सामान बरामद

STF ने आरोपी के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, पासपोर्ट, चार एटीएम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है। इसके अलावा मोबाइल फोन में 34 वर्क स्क्रीनशॉट भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

STF के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की रकम का नेटवर्क कितना बड़ा है।

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