उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बीच भारी बारिश से मौसम बदल गया है। हल्द्वानी में तापमान करीब 10 डिग्री गिरा और 117.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। बागेश्वर में मलबा आने से एनएच गरुड़-बागेश्वर पर यातायात बंद है।
हल्द्वानी: उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बीच पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश का दौर जारी है। हल्द्वानी में शनिवार को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 117.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं, बागेश्वर में मलबा आने से एनएच गरुड़-बागेश्वर पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
भारी बारिश से बदला मौसम, दिन-रात के तापमान में सिर्फ 1.2 डिग्री अंतर
हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में शुक्रवार देर रात से शुरू हुआ भारी बारिश का सिलसिला रविवार तक जारी रहा। लगातार मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते तराई-भाबर क्षेत्र में अचानक ठंड का एहसास होने लगा है।
शनिवार को हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह दिन और रात के तापमान में केवल 1.2 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक इस दौरान 117.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
सितंबर के आखिरी सप्ताह में सामान्य से काफी नीचे रहा तापमान
पिछले वर्षों में सितंबर के अंतिम सप्ताह के दौरान हल्द्वानी में अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता था। इस वर्ष गुरुवार तक गर्मी महसूस की जा रही थी, लेकिन इसके बाद मौसम ने अचानक करवट ली और भारी बारिश के साथ तापमान में तेज गिरावट आई।
मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को भी कुछ क्षेत्रों के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में तापमान में गिरावट और ठंड का असर आगे भी बने रहने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश के साथ पारा नीचे गया है।
रवांईखाल में मलबा आने से एनएच गरुड़-बागेश्वर बंद
बागेश्वर में बारिश के कारण एनएच गरुड़-बागेश्वर पर रवांईखाल के पास रात में मलबा आ गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क खोलने के लिए मौके पर लोडर मशीनें तैनात की गई हैं। विभागीय टीम मलबा हटाने के काम में जुटी है। जानकारी के अनुसार मार्ग को साफ कर यातायात बहाल करने में करीब सात से आठ घंटे लग सकते हैं।
स्थानीय निवासी विपिन जोशी ने सड़क पर लगातार बने खतरे को देखते हुए सुरक्षा दीवार और अन्य पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बीआरओ को सड़क जल्द खोलने और मरम्मत कार्य कराने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।











