वाराणसी और पूर्वांचल में मानसून सक्रिय होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के बाद बारिश की संभावना जताई है और पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही बनी रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
वाराणसी: पूर्वांचल और वाराणसी में मानसून के सक्रिय होने के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में तापमान में कमी आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के बाद बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जबकि पूरे सप्ताह बादल छाए रहने की संभावना है।
मानसून की सक्रियता से मौसम हुआ सुहावना
वाराणसी और आसपास के पूर्वांचल क्षेत्र में मानसून के प्रभाव के कारण मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। सुबह और शाम के समय वातावरण में नमी बढ़ने से लोगों को उमस के बावजूद तेज गर्मी से राहत मिल रही है। बीच-बीच में धूप निकलने से गर्मी का एहसास जरूर हो रहा है, लेकिन बादलों की आवाजाही के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अब पूर्वांचल में प्रभावी हो चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक दिखाई देगा।
![]()
पिछले चार दिनों में लगातार बादलों के बने रहने से अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इससे दिन के समय भी मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। पुरवाई हवा चलने से वातावरण में ठंडक महसूस की जा रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है।
दो दिन बाद फिर तेज हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और स्थानीय स्तर पर गर्मी बढ़ने की स्थिति बनने पर कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले दो दिनों के बाद मानसून और अधिक सक्रिय होगा, जिससे वाराणसी और पूर्वांचल के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी बादलों की सक्रियता बढ़ने के साथ कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे किसानों को भी लाभ मिलेगा और खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में आई गिरावट, बढ़ी नमी
बीते 24 घंटों के दौरान वाराणसी में अधिकतम तापमान लगभग 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया। वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक बना हुआ है, जिससे मानसून का असर साफ महसूस किया जा रहा है। हल्की बारिश और बादलों के कारण मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और बीच-बीच में बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। यदि मानसूनी गतिविधियां इसी तरह सक्रिय रहीं तो तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से और राहत मिलेगी।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर
मानसून की सक्रियता को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। अच्छी बारिश से धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और सिंचाई पर निर्भरता भी कम होगी। दूसरी ओर, शहर के लोगों को भी लंबे समय से पड़ रही गर्मी से राहत मिलने लगी है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाएं और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। आने वाले दिनों में पूर्वांचल के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिससे मौसम और अधिक सुहावना बना रह सकता है।








