अनिल अग्रवाल की कंपनी Vedanta Limited के बड़े डिमर्जर के बाद निवेशकों के डीमैट खातों में चार नई कंपनियों के शेयर क्रेडिट कर दिए गए हैं। हालांकि, इन शेयरों में अभी ट्रेडिंग शुरू नहीं हुई है, जिससे कई निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वे इन्हें खरीद या बेच क्यों नहीं पा रहे हैं।
बिजनेस न्यूज़: Anil Agarwal की कंपनी Vedanta का डिमर्जर पूरा हो चुका है, जिसके बाद कंपनी अब अलग-अलग हिस्सों में बंट गई है। जिन निवेशकों के पास वेदांता के शेयर थे, उन्हें अब चार नई कंपनियों के शेयर आवंटित कर दिए गए हैं और ये शेयर उनके डीमैट अकाउंट में भी आ चुके हैं। हालांकि, फिलहाल इन नए शेयरों की ट्रेडिंग शुरू नहीं हुई है क्योंकि ये अभी डीलिस्टेड स्थिति में हैं, इसलिए निवेशक इन्हें फिलहाल बाजार में खरीद या बेच नहीं पा रहे हैं।
डीमैट में शेयर पहुंचे, लेकिन “अनलिस्टेड” स्थिति में
डिमर्जर के बाद निवेशकों के डीमैट अकाउंट में जो नई इकाइयाँ दिखाई दे रही हैं, वे फिलहाल “टेम्पररी ISIN” या “अनलिस्टेड सिक्योरिटीज” सेक्शन में हैं। इसका मतलब है कि ये शेयर आवंटित तो हो चुके हैं, लेकिन अभी स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध (listed) नहीं हुए हैं। इसी कारण इनकी खरीद-बिक्री फिलहाल संभव नहीं है।
किन चार कंपनियों में बंटी वेदांता?
डिमर्जर के बाद वेदांता का कारोबार चार प्रमुख नई कंपनियों में विभाजित हुआ है:
- Vedanta Aluminium Metal Limited
- Talwandi Sabo Power Limited (संभावित नया नाम: Vedanta Power Ltd)
- Vedanta Steel and Iron Limited
- Malco Energy Limited (संभावित नाम: Vedanta Oil & Gas Ltd)
इन सभी कंपनियों को अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक सेक्टर पर फोकस बढ़ सके।
ट्रेडिंग क्यों शुरू नहीं हुई?

इन शेयरों की ट्रेडिंग अभी शुरू नहीं होने की मुख्य वजह यह है कि, नई कंपनियाँ अभी तक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हुई हैं। लिस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इनके शेयर खुले बाजार में ट्रेड हो सकेंगे। कंपनी ने नियामकीय प्रक्रिया के तहत एक्सचेंजों से मंजूरी लेने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन लिस्टिंग की औपचारिक प्रक्रिया अभी जारी है।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, नई डिमर्जर इकाइयों की लिस्टिंग के लिए आवेदन जल्द ही स्टॉक एक्सचेंजों में दाखिल किया जाएगा। अनुमान है कि, जून 2026 के मध्य तक लिस्टिंग पूरी हो सकती है. इसके बाद ही शेयरों की वास्तविक ट्रेडिंग शुरू होगी। इससे निवेशकों को अपने नए शेयरों का वास्तविक बाजार मूल्य उसी समय पता चलेगा।
निवेशकों को कैसे मिले नए शेयर?
डिमर्जर प्रक्रिया के तहत वेदांता ने 1:1 अनुपात लागू किया है। इसका अर्थ है कि, हर 1 वेदांता शेयर पर निवेशकों को 4 नई कंपनियों के 1-1 शेयर मिले
निवेशकों के पास पुराने वेदांता शेयर भी बने रहेंगे। इससे निवेशकों की कुल हिस्सेदारी तो समान रही है, लेकिन अब उनका निवेश कई अलग-अलग व्यवसायों में बंट गया है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि डिमर्जर के बाद प्रत्येक कंपनी का स्वतंत्र मूल्यांकन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, विभिन्न ब्रोकरेज फर्मों ने अलग-अलग सेगमेंट के लिए वैल्यूएशन अनुमान जारी किए हैं, जिनमें जिंक, एल्यूमीनियम, पावर और ऑयल-गैस व्यवसाय शामिल हैं।









