वेनेजुएला में चुनाव का वादा, लेकिन तारीख तय नहीं, डेल्सी रोड्रिगेज ने UN में दिया भरोसा

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में चुनाव कराने का वादा किया, लेकिन तारीख नहीं बताई। राजनीतिक भागीदारी की बात कही।

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में चुनाव कराने का वादा किया, लेकिन तारीख नहीं बताई। उन्होंने विपक्ष से संवाद और सभी राजनीतिक ताकतों की भागीदारी की बात कही। अमेरिका ने चुनाव से पहले संस्थागत सुधार पर जोर दिया।

न्यूयॉर्क: वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में घोषणा की है कि देश में पूर्ण लोकतंत्र की ओर संक्रमण के तहत चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने मतदान की कोई निश्चित या संभावित तारीख नहीं बताई। रोड्रिगेज ने कहा कि चुनाव का सही समय वेनेजुएला की जनता तय करेगी।

रोड्रिगेज का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर विपक्ष जल्द चुनाव कराने का दबाव बना रहा है। विपक्षी नेताओं और आलोचकों ने तारीख तय नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि चुनाव से पहले वेनेजुएला की राजनीतिक और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।

UN में रोड्रिगेज ने कहा- वेनेजुएला में होंगे चुनाव

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला में चुनाव होंगे और देश पूर्ण लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने विपक्ष के कुछ हिस्सों के साथ राजनीतिक संवाद शुरू किया है और सभी राजनीतिक ताकतों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय संस्थानों को तैयार किया जा रहा है।

हालांकि, उनके भाषण में चुनाव की तारीख को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई। यही वजह है कि विपक्ष और सरकार के आलोचक उनके ऐलान को लेकर आगे की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

निकोलस मादुरो के हटने के बाद सत्ता संभाली

डेल्सी रोड्रिगेज ने जनवरी 2026 में अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभाली। इससे पहले वह निकोलस मादुरो की सरकार में उपराष्ट्रपति थीं और लंबे समय तक उनकी करीबी सहयोगी रही थीं।

अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद मादुरो को वेनेजुएला से हटाकर अमेरिका ले जाया गया, जहां उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों का सामना करना है। इसके बाद रोड्रिगेज ने अंतरिम नेतृत्व संभाला।

रोड्रिगेज के सत्ता में आने के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के संबंधों में भी बदलाव आया है। अमेरिकी प्रशासन ने उनकी अंतरिम सरकार के साथ ऊर्जा, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाई है।

2024 के चुनाव पर अब भी विवाद

वेनेजुएला में 2024 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। उस चुनाव के बाद मादुरो को विजेता घोषित किया गया था, जबकि विपक्ष ने परिणामों को चुनौती दी थी।

विपक्षी समूहों का दावा रहा है कि उनके पास मतदान केंद्रों के आंकड़े हैं, जो उनके अनुसार आधिकारिक नतीजों से अलग तस्वीर पेश करते हैं। इस विवाद ने वेनेजुएला में चुनावी प्रक्रिया और संस्थागत विश्वसनीयता पर लंबे समय से सवाल बनाए रखे हैं।

रोड्रिगेज के नए चुनावी वादे के बीच यही मुद्दा फिर सामने आया है। विपक्ष यह जानना चाहता है कि भविष्य के चुनाव किस प्रक्रिया के तहत होंगे और क्या सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलेगा।

ट्रंप प्रशासन के साथ बढ़ा संवाद

रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति भी सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया।

रोड्रिगेज ने कहा कि उनकी सरकार और ट्रंप प्रशासन मौजूदा मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। उन्होंने ऊर्जा संबंधों, सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय अपराध से मुकाबले और आर्थिक सहयोग को संभावित सहयोग के क्षेत्रों के रूप में बताया।

उनका यह रुख उस राजनीतिक बदलाव को दर्शाता है जिसमें पूर्व में अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंध रखने वाली वेनेजुएला सरकार अब वॉशिंगटन के साथ बातचीत और आर्थिक समझौतों पर जोर दे रही है।

ट्रंप ने मादुरो पर साधा निशाना

जहां रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र में अपने पूर्व नेता मादुरो का उल्लेख नहीं किया, वहीं ट्रंप ने अपने UN भाषण में मादुरो का जिक्र किया।

ट्रंप ने मादुरो को “आउटलॉ डिक्टेटर” और “रियल क्रिमिनल” कहा। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और आगे के आर्थिक संबंधों का भी उल्लेख किया।

ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ हुए एक बड़े तेल समझौते का जिक्र करते हुए इसे इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा बताया और 65 अरब बैरल तेल का आंकड़ा दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर सैन्य शक्ति के इस्तेमाल की बात भी कही।

चुनाव को लेकर ट्रंप का रुख क्या है?

रोड्रिगेज के चुनावी वादे के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संयुक्त राष्ट्र भाषण में वेनेजुएला में चुनाव की तारीख का जिक्र नहीं किया।

इससे पहले ट्रंप ने इस महीने Los Angeles Times से बातचीत में कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि वेनेजुएला अभी चुनाव के लिए तैयार है।

हालांकि, 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप और रोड्रिगेज की मुलाकात हुई। यह मादुरो को हटाए जाने के बाद दोनों नेताओं की पहली व्यक्तिगत मुलाकात थी।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस बैठक में मौजूद थे। रुबियो के अनुसार, चुनाव को लेकर बातचीत हुई थी।

रुबियो बोले- पहले राजनीतिक संक्रमण जरूरी

मार्को रुबियो ने चुनाव से पहले राजनीतिक संक्रमण और संस्थागत सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा राजनीतिक संक्रमण होना चाहिए जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जरूरी संस्थानों का पुनर्निर्माण हो सके।

रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका ऐसी स्थिति नहीं चाहता जिसमें कोई निर्वाचित सरकार सत्ता संभाले और उसे पहले से मौजूद गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट विरासत में मिले।

अमेरिकी अधिकारियों की ओर से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था, कर्ज और संस्थागत ढांचे को चुनावी प्रक्रिया से पहले महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्षी वार्ता में मारिया कोरिना मचाडो की गैरमौजूदगी

वेनेजुएला की विपक्षी राजनीति की प्रमुख नेता मारिया कोरिना मचाडो की मौजूदा बातचीत में गैरमौजूदगी भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।

मचाडो ने दिसंबर में देश छोड़ा था और नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने के लिए ओस्लो गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, वह अभी तक वेनेजुएला वापस नहीं लौट सकी हैं। उनके एक सलाहकार ने दावा किया कि इस सप्ताह उन्होंने देश लौटने के तीन प्रयास किए, लेकिन तीनों विफल रहे।

मचाडो को चुनाव लड़ने से रोकने का प्रतिबंध मादुरो सरकार के समय लगाया गया था। उनके समर्थक इस प्रतिबंध और विपक्षी नेतृत्व की मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत जारी

रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि उनकी सरकार ने विपक्ष के कुछ हिस्सों के साथ संवाद शुरू किया है। उनका कहना है कि सभी राजनीतिक ताकतों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।

दूसरी ओर, आलोचक यह सवाल उठा रहे हैं कि बातचीत में विपक्ष के सभी प्रमुख धड़ों की भागीदारी कितनी व्यापक है। खास तौर पर मचाडो जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने भी विपक्ष से धैर्य रखने का संकेत दिया है और चुनाव से पहले राजनीतिक एवं संस्थागत संक्रमण को प्राथमिकता दी है।

आगे की प्रक्रिया पर टिकी नजर

डेल्सी रोड्रिगेज का चुनाव कराने का ऐलान वेनेजुएला के राजनीतिक संक्रमण में एक महत्वपूर्ण घोषणा है, लेकिन इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। सरकार चुनाव की बात कर रही है, जबकि विपक्ष तारीख और चुनावी प्रक्रिया को लेकर ठोस आश्वासन चाहता है।

इसी बीच अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा, कर्ज, खनन और सुरक्षा संबंधी बातचीत आगे बढ़ रही है। रोड्रिगेज की संयुक्त राष्ट्र यात्रा के दौरान अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

इसलिए वेनेजुएला के अगले राजनीतिक चरण में तीन मुद्दे प्रमुख रहेंगे—चुनाव की तारीख, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए संस्थागत तैयारियां और विपक्ष के सभी प्रमुख धड़ों की भागीदारी। फिलहाल रोड्रिगेज ने चुनाव कराने का वादा किया है, लेकिन मतदान कब होगा, इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है।

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