Vibe Coding: यह शब्द किसने ईजाद किया और क्या है इसका मतलब

Vibe Coding AI आधारित नया ट्रेंड है, जिसे Andrej Karpathy ने पेश किया। Google और Zoho के लीडर्स ने इसे सॉफ्टवेयर को आसान बनाने वाला बताया।

Vibe Coding एक नई तकनीक है जो AI और बड़े लैंग्वेज मॉडल (LLM) का उपयोग करके सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को आसान बनाती है। इसे फरवरी 2025 में OpenAI के को-फ़ाउंडर Andrej Karpathy ने नाम दिया। Google CEO Sundar Pichai और Zoho फाउंडर Sridhar Vembu भी इस नए ट्रेंड पर अपने विचार साझा कर चुके हैं।

Vibe Coding Explained: Vibe Coding एक नया AI-संचालित कोडिंग ट्रेंड है जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को आसान और तेज बनाता है। इसे OpenAI के को-फ़ाउंडर Andrej Karpathy ने फरवरी 2025 में पेश किया। Google CEO Sundar Pichai और Zoho के श्रीधर वेम्बू ने इसे लेकर अपनी राय दी है, जिसमें उन्होंने इसके भविष्य और कोडिंग के तरीके में बदलाव पर जोर दिया।

Vibe Coding क्या है

Vibe Coding AI का इस्तेमाल कर सॉफ्टवेयर बनाने की नई तकनीक है। इसमें Python या JavaScript जैसी पारंपरिक भाषाएं सीखने की जरूरत नहीं रहती।
यूजर बस नेचुरल लैंग्वेज में बताता है कि उसे क्या चाहिए, और LLM आधारित टूल्स जैसे Copilot और Codeium कोड जेनरेट कर देते हैं।

इसे किसने ईजाद किया

फरवरी 2025 में Andrej Karpathy ने Vibe Coding शब्द पेश किया। उन्होंने इसे “कोड को एक्सपोनेंशियल तरीके से आसान बनाने वाला नया ट्रेंड” बताया।
तब से यह कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हुआ और कई AI टूल्स में इसे इंटीग्रेट किया गया।

टेक लीडर्स की राय

Google CEO Sundar Pichai ने कहा कि Vibe Coding कोडिंग को मजेदार और आसान बना रहा है। उन्होंने इसे सिलिकॉन वैली में नया और रोमांचक ट्रेंड बताया।
Zoho फाउंडर Sridhar Vembu ने इसे AI के साथ इंसान का सहयोग और मैनुअल प्रोग्रामिंग की जगह लेने वाला कॉन्सेप्ट बताया।

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