व्लादिमीर पुतिन ने जेलेंस्की के साथ बातचीत से किया इनकार, BRICS की बढ़ती ताकत पर बोले-‘G7 को पीछे छोड़ चुका है संगठन’

व्लादिमीर पुतिन ने जेलेंस्की के साथ बातचीत से इनकार किया और BRICS की बढ़ती ताकत पर कहा कि यह G7 को पीछे छोड़ चुका है। जानें उनके बयान की अहम बातें।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध लंबे समय से जारी है, जिसमें लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद अब तक संघर्ष के समाप्त होने के स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं।

World News: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy के साथ आमने-सामने बैठक की संभावना को खारिज कर दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब युद्ध को चार साल से अधिक समय बीत चुका है और दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार जारी है।

जेलेंस्की के खुले पत्र के बाद बढ़ी हलचल

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हाल ही में पुतिन को एक खुला पत्र लिखकर सीधे बातचीत और बैठक की अपील की थी। इस पत्र में उन्होंने युद्ध समाप्त करने, युद्धबंदियों की अदला-बदली और अपहृत नागरिकों—खासकर बच्चों—की वापसी जैसे मुद्दों पर गंभीर कदम उठाने की बात कही थी। जेलेंस्की ने अपने संदेश में यह भी कहा था कि युद्ध का समाधान आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए जरूरी है। 

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि रूस नेतृत्व युद्ध खत्म करने का फैसला नहीं करता, तो संघर्ष और लंबा खिंच सकता है। हालांकि, क्रेमलिन की ओर से दिए गए संकेतों के अनुसार पुतिन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है, जिससे शांति वार्ता की उम्मीदों को झटका लगा है।

BRICS पर पुतिन का बड़ा बयान

व्लादिमीर पुतिन ने जेलेंस्की के साथ बातचीत से किया इनकार, BRICS की बढ़ती ताकत पर बोले-‘G7 को पीछे छोड़ चुका है संगठन’

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान दोनों देशों की सेनाओं द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। संघर्ष में भारी सैन्य और नागरिक नुकसान की रिपोर्टें भी आती रही हैं। जेलेंस्की ने अपने संदेश में दावा किया कि रूसी सेना को मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि रूस की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आमतौर पर अलग रहती है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के आंकड़ों को लगातार चुनौती देते रहे हैं।

कूटनीतिक तनाव के बीच पुतिन ने वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने बहुपक्षीय समूह BRICS की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह संगठन अब वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पुतिन के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP वृद्धि का बड़ा हिस्सा BRICS देशों से आया है। उन्होंने दावा किया कि क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर BRICS देशों की वैश्विक GDP में हिस्सेदारी लगभग 40% तक पहुंच चुकी है, जबकि G7 देशों की हिस्सेदारी इससे कम है।

पुतिन ने कहा कि यह बदलाव इस बात का संकेत है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र धीरे-धीरे विकासशील देशों की ओर शिफ्ट हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में BRICS की भूमिका और मजबूत होगी।

भारत को लेकर सकारात्मक टिप्पणी

अपने संबोधन में पुतिन ने भारत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि India तकनीकी क्षेत्र, विशेषकर आईटी और सॉफ्टवेयर उद्योग में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक बाजार में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत 2026 में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसे वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी संदर्भ में पुतिन के आगामी भारत दौरे को भी अहम कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

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