'मुस्लिम इलाका होने की वजह से फाइलें रोकी गईं वार्ड-95 के पार्षद का महापौर पर आरोप लोगों ने कहा- सड़कें जर्जर, नलों से आ रहा नीला पानी

वार्ड-95 के पार्षद ने महापौर पर विकास कार्यों की फाइलें रोकने का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों ने जर्जर सड़कों और नलों से नीला पानी आने की शिकायत की।
'मुस्लिम इलाका होने की वजह से फाइलें रोकी गईं वार्ड-95 के पार्षद का महापौर पर आरोप लोगों ने कहा- सड़कें जर्जर, नलों से आ रहा नीला पानी
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वार्ड-95: शहर के वार्ड-95 में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। वार्ड के पार्षद ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र मुस्लिम बहुल होने के कारण विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों को जानबूझकर रोका गया। वहीं दूसरी ओर महापौर पक्ष की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कई मोहल्लों की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्षेत्र के निवासियों ने पेयजल आपूर्ति को लेकर भी गंभीर शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि कई घरों में नलों से नीले रंग का पानी आ रहा है। लोगों का आरोप है कि पानी का रंग बदलने के कारण वे उसका उपयोग पीने या भोजन बनाने में नहीं कर पा रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं या वैकल्पिक स्रोतों का सहारा ले रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

वार्ड के नागरिकों का कहना है कि यदि पानी की गुणवत्ता में वास्तव में कोई गड़बड़ी है तो इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी का रंग बदलने के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जैसे पाइपलाइन में तकनीकी समस्या, जंग, तलछट या अन्य कारण। वास्तविक वजह का पता केवल तकनीकी जांच और पानी के परीक्षण के बाद ही लगाया जा सकता है।

पार्षद का आरोप है कि वार्ड से जुड़े कई विकास कार्यों की फाइलें लंबे समय से लंबित हैं, जिसके कारण सड़क निर्माण, जल निकासी, नाली मरम्मत और अन्य बुनियादी परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर स्वीकृति मिलती तो क्षेत्र की कई समस्याओं का समाधान हो सकता था।

वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्हें राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक चिंता अपनी दैनिक समस्याओं की है। उनका कहना है कि खराब सड़कें, जलभराव, पेयजल की गुणवत्ता और सफाई जैसी समस्याओं का समाधान जल्द होना चाहिए। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भी दी हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

नगर प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र की सड़कों का सर्वे कराकर जल्द मरम्मत कराई जाए। साथ ही पेयजल पाइपलाइन और जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। यदि कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है या पानी दूषित हो रहा है, तो उसकी तुरंत मरम्मत की जाए।

फिलहाल वार्ड-95 में राजनीतिक आरोपों के बीच स्थानीय लोग बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं क्षेत्र के निवासियों की उम्मीद है कि विवाद से इतर उनकी सड़क, पानी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

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