Weather Alert: 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Weather Alert: 3 अक्टूबर को 23 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है। IMD के अनुसार हवाएं 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं।

मानसून पूरी तरह विदा हो चुका है और अब ठंड की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए, तो ऐसा मानना जल्दबाजी हो सकती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं जरूर चलने लगी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मानसून पूरी तरह खत्म हो गया है।

नई दिल्ली: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है, लेकिन कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 3 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। IMD के उपलब्ध चेतावनी बुलेटिन में 3 अक्टूबर के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश और आंधी से जुड़ी चेतावनियां जारी की गई हैं।

मानसून की वापसी शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों से बारिश पूरी तरह खत्म हो गई है। मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण अक्टूबर की शुरुआत में भी कई राज्यों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का आकलन बारिश में कमी, नमी घटने और वायुमंडलीय परिस्थितियों जैसे कई संकेतकों के आधार पर किया जाता है।

कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में भी तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अलग-अलग सक्रिय मौसम प्रणालियों और वायुमंडलीय परिसंचरण के कारण बारिश का यह दौर बना हुआ है। पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

मानसून की वापसी के बीच क्यों हो रही बारिश?

अक्टूबर की शुरुआत में दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से वापस लौटने लगता है। हालांकि, मानसून की वापसी एक साथ पूरे देश में नहीं होती। IMD के मुताबिक इसके लिए लगातार कई दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी, निचले स्तर पर प्रतिचक्रवात की स्थापना और वातावरण में नमी में पर्याप्त कमी जैसे संकेत देखे जाते हैं।

इसी दौरान बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र या परिसंचरण बारिश को बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि मानसून की वापसी के समय भी देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की घटनाएं हो सकती हैं।

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश के मुकाबले शुष्क मौसम रहने की संभावना है। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और तेज हवाएं चल सकती हैं। हाल के दिनों में दिल्ली में सुबह और शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, लेकिन इसे पूरी तरह सर्दी की शुरुआत नहीं माना जा सकता।

सितंबर के अंतिम दिनों में भी IMD ने दिल्ली के लिए मुख्य रूप से शुष्क मौसम का अनुमान जताया था, जबकि देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना बताई गई थी।

यूपी और बिहार में बारिश का असर

उत्तर प्रदेश और बिहार में कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के साथ बिहार के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार में कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, भागलपुर, गया और आसपास के इलाकों में मौसम खराब हो सकता है। उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में तेज बारिश और हवा का दौर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश

राजस्थान में बारिश के साथ धूल भरी हवाओं की स्थिति बन सकती है। बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव की संभावना है। तेज हवाओं के कारण खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मध्य प्रदेश में भी कुछ जिलों में बारिश के साथ आंधी का असर देखने को मिल सकता है। पन्ना, उमरिया, गुना, इंदौर, देवास, कटनी, नीमच, मुरैना और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में भी सतर्कता जरूरी

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर हो सकता है। किन्नौर, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन और बिलासपुर समेत हिमाचल के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। उत्तराखंड में नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में भी कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान यात्रा करने वालों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

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