बंगाल में बर्थडे पार्टी के बहाने युवती से रेप का आरोप, शादी का झांसा देकर दोबारा संबंध; 1.5 लाख ऐंठने का भी दावा

पश्चिम बंगाल में युवती ने बर्थडे पार्टी के बहाने दुष्कर्म, शादी का वादा कर दोबारा रेप और 1.5 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बंगाल में बर्थडे पार्टी के बहाने युवती से रेप का आरोप, शादी का झांसा देकर दोबारा संबंध; 1.5 लाख ऐंठने का भी दावा
Photo Credit / Attribution: Google

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में एक युवती ने अपने परिचित युवक पर बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर दुष्कर्म करने और बाद में शादी का वादा कर दोबारा शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसे लंबे समय तक अपने विश्वास में रखा। बाद में शादी से मुकरने के साथ ही उससे करीब 1.5 लाख रुपये भी ले लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब युवती के आरोपों, आरोपी से उसके संबंध, पैसों के लेन-देन और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे बर्थडे पार्टी के नाम पर मिलने के लिए बुलाया था। युवती का कहना है कि वह आरोपी पर भरोसा करके उसके बताए स्थान पर पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसकी इच्छा के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद युवती ने जब इस बारे में सवाल उठाया तो आरोपी ने कथित तौर पर उससे शादी करने का वादा किया। शादी का भरोसा मिलने के बाद युवती आरोपी के संपर्क में बनी रही।

आरोप है कि शादी का वादा करने के बाद आरोपी ने दोबारा युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि उसे लगातार यह भरोसा दिया जाता रहा कि दोनों की शादी होगी और इस रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार किया जाएगा। इसी भरोसे के कारण वह आरोपी के खिलाफ तत्काल कोई कड़ा कदम नहीं उठा सकी। बाद में जब आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया तो युवती ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।

युवती ने अपनी शिकायत में आर्थिक लेन-देन का आरोप भी लगाया है। उसके मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग समय पर उससे करीब 1.5 लाख रुपये लिए। युवती का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए और बाद में आरोपी ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। अब पुलिस इस आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है कि रकम किस तरीके से दी गई, कब-कब दी गई और उसके पीछे आरोपी ने क्या वजह बताई थी।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि युवती ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के साथ-साथ शादी का झांसा देने और पैसे लेने के आरोप लगाए हैं। ऐसे मामलों में जांच के दौरान पुलिस यह देखती है कि शादी का वादा शुरुआत से ही झूठा था या बाद में परिस्थितियों के कारण शादी नहीं हो सकी। अदालतों ने भी कई मामलों में यह स्पष्ट किया है कि केवल शादी का वादा पूरा नहीं होना अपने आप में दुष्कर्म साबित नहीं करता; जांच में यह देखना जरूरी होता है कि वादा शुरुआत से ही धोखे की नीयत से किया गया था या नहीं।

पश्चिम बंगाल में इससे जुड़े मामलों में अदालतें आरोपी की मंशा और शिकायतकर्ता की सहमति की परिस्थितियों को काफी गंभीरता से देखती हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा था कि यदि शादी का झूठा वादा शुरुआत से ही धोखे की नीयत से किया गया हो और उसी आधार पर संबंध बनाए गए हों, तो यह कानूनी रूप से महत्वपूर्ण तथ्य हो सकता है। हालांकि हर मामले के तथ्य अलग होते हैं और किसी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलता है।

बताया जा रहा है कि युवती और आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। इसी पहचान और कथित प्रेम संबंध के कारण युवती आरोपी पर भरोसा करती थी। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाया। पहले बर्थडे पार्टी के बहाने मुलाकात और फिर शादी का भरोसा देने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच संपर्क कब से था और घटना से पहले तथा बाद में उनके बीच किस तरह की बातचीत होती रही।

जांच में मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि युवती और आरोपी के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई है तो वह भी जांच का हिस्सा बन सकती है। इसी तरह 1.5 लाख रुपये के कथित लेन-देन को लेकर बैंक ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन भुगतान या अन्य माध्यमों से हुई रकम की जांच की जा सकती है। इन सभी तथ्यों के आधार पर पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने का प्रयास करेगी।

युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसे मानसिक रूप से भी परेशान किया। उसका कहना है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने कथित तौर पर दूरी बनानी शुरू कर दी। इसके बाद उसे यह महसूस हुआ कि शादी का वादा केवल उसके साथ संबंध बनाने और उसका भरोसा हासिल करने के लिए किया गया था। इसी के बाद उसने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया।

मामले में पुलिस के सामने अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करने की चुनौती है। पुलिस आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों के बयान दर्ज कर सकती है। इसके अलावा घटनास्थल, मुलाकात की परिस्थितियों और दोनों के बीच हुई बातचीत से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जा सकते हैं। जांच के दौरान यदि आर्थिक लेन-देन का प्रमाण मिलता है तो उस पहलू को भी केस की जांच में शामिल किया जाएगा।

घटना को लेकर युवती के परिवार में भी चिंता का माहौल है। शिकायत के बाद परिवार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि युवती के साथ धोखे से संबंध बनाए गए और उससे पैसे भी लिए गए हैं तो मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह के मामलों में शिकायतकर्ता के लिए पुलिस तक पहुंचना भी एक महत्वपूर्ण कदम होता है। कई बार सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से पीड़ित व्यक्ति लंबे समय तक शिकायत नहीं करता। लेकिन जब आरोपी शादी के वादे से पीछे हटता है या संपर्क तोड़ देता है, तब मामला पुलिस तक पहुंचता है। इस मामले में भी युवती के आरोपों के अनुसार पहले उसने आरोपी पर भरोसा किया और बाद में शादी से इनकार के बाद शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया।

मामले में 1.5 लाख रुपये लिए जाने का आरोप भी जांच को एक अलग दिशा देता है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि रकम वास्तव में आरोपी तक पहुंची थी या नहीं और यदि पहुंची तो किस कारण से ली गई थी। अगर बैंक खाते, ऑनलाइन भुगतान, चैट या अन्य दस्तावेजों से रकम के लेन-देन की पुष्टि होती है तो यह जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है।

पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि बर्थडे पार्टी के नाम पर युवती को कहां बुलाया गया था और वहां उस समय कौन-कौन लोग मौजूद थे। यदि कोई प्रत्यक्षदर्शी या अन्य व्यक्ति घटना से पहले या बाद की परिस्थितियों के बारे में जानकारी रखता है तो उसका बयान भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है। घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने पर पुलिस उन्हें भी खंगाल सकती है।

युवती की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन आरोपी का पक्ष और जांच में सामने आने वाले साक्ष्य भी मामले में महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच के स्तर पर है और आगे की कानूनी कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आरोपी ने कथित तौर पर पहली घटना के बाद शादी का भरोसा दिलाया। युवती के अनुसार इसी भरोसे के बाद वह आरोपी के संपर्क में रही और दोबारा उसके साथ संबंध बने। यदि जांच में यह सामने आता है कि शादी का वादा शुरुआत से ही झूठा था और उसका उद्देश्य युवती को संबंध बनाने के लिए तैयार करना था, तो यह तथ्य कानूनी रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। वहीं यदि जांच में अलग परिस्थितियां सामने आती हैं तो अदालत उन्हीं तथ्यों के आधार पर मामले का फैसला करेगी।

पश्चिम बंगाल में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें प्रेम संबंध और शादी के वादे के बीच यौन अपराध के आरोप लगाए गए। कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने आए एक मामले में भी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे जन्मदिन मनाने के बहाने एक स्थान पर बुलाया गया और वहां उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए थे। अदालतों में ऐसे मामलों की सुनवाई करते समय घटना की परिस्थितियों, सहमति और आरोपी की शुरुआती मंशा जैसे पहलुओं की जांच की जाती है।

इस मामले में भी पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि बर्थडे पार्टी के बहाने हुई मुलाकात के दौरान वास्तव में क्या हुआ। इसके बाद शादी के वादे की परिस्थितियां क्या थीं और कथित तौर पर दूसरी बार संबंध किन परिस्थितियों में बने। साथ ही 1.5 लाख रुपये के कथित लेन-देन की वजह और उसके पीछे आरोपी की भूमिका की भी जांच जरूरी होगी।

शिकायत के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। आरोपी से पूछताछ, युवती का बयान, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ सकती है। यदि आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो पुलिस कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।

फिलहाल इस मामले ने पश्चिम बंगाल में प्रेम संबंध, शादी के वादे और कथित धोखे से जुड़े अपराध को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। युवती ने जिस तरह बर्थडे पार्टी के बहाने दुष्कर्म, शादी का वादा कर दोबारा संबंध बनाने और 1.5 लाख रुपये लेने के आरोप लगाए हैं, उनके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था और आरोपी की भूमिका कितनी थी।

पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में मामला जाने के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष निकलेगा। फिलहाल युवती की शिकायत के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का ध्यान घटना की परिस्थितियों, कथित शादी के वादे, दोनों के बीच संबंध, आर्थिक लेन-देन और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों पर है। मामले में आगे होने वाली कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।

Leave a comment