भारत के पांच मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए World Boxing Futures Cup में पोडियम पर अपनी जगह पक्की कर ली।
स्पोर्ट्स न्यूज़: विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप में भारत के युवा मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रौशन किया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में पांच भारतीय मुक्केबाजों ने जीत दर्ज की और इस जीत के साथ ही इन खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में पदक पक्के कर लिए। ये सभी खिलाड़ी सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे भारत की पदक की उम्मीदें और भी मजबूत हो गई हैं।
पांच भारतीय मुक्केबाजों की जीत
क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल करने वाले भारतीय मुक्केबाज हैं:
- गुंजन (48 किग्रा)
- जॉयश्री देवी (54 किग्रा)
- अंबेकर मीतेई (50 किग्रा)
- चंद्रिका पुजारी (51 किग्रा)
- राधामणि लोंगजाम (57 किग्रा)
इनकी जीत ने भारत की पदक संभावनाओं को पुख्ता कर दिया है। सभी खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं, जिससे प्रत्येक का पदक पक्का हो गया।

भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन
सुबह के सत्र में गुंजन ने अजरबैजान की गुलर हुसेनोवा को 5-0 से हराया, जबकि जॉयश्री देवी ने जापान की यूरा कनेमारू को पहले दौर में रेफरी द्वारा मुकाबला रोकने (RSC) के जरिए हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों के 50 किग्रा वर्ग में अंबेकर मीतेई ने जापान के अकीरा उएकुबो को 4-1 से मात दी, जिससे वह सेमीफाइनल में प्रवेश करने में सफल रहे।
शाम के सत्र में भी दो भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। चंद्रिका पुजारी (51 किग्रा) ने दूसरे दौर में स्पेन की एंड्रिया बुएल्गा गार्सिया को RSC के जरिए हराया, जबकि राधामणि लोंगजाम (57 किग्रा) ने इंग्लैंड की सिओभान हेली को 4-1 से मात दी। इन जीतों के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में पांच पदक की गारंटी पक्की कर ली है, जो भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हालांकि, पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में साहिल दुहान अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांस के डेविड हारुत्युनयान से 1-4 से हार गए। साहिल की हार के बावजूद, भारतीय टीम का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और देश की युवा प्रतिभाओं ने दुनिया के सामने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।









