गोरखपुर में भाजपा की पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि उनका धुआं निकल चुका है। योगी ने दोनों नेताओं की जोड़ी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव में हार मिलने के बाद दोनों बहाने ढूंढ़ने लगते हैं। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत हैं।
भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में 3 से 5 नवंबर तक 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गोरखपुर में पार्टी ने अपनी ताकत दिखाई। पदयात्रा में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करना और सरकार की नीतियों तथा विपक्ष की राजनीति को लेकर जनता के बीच अपनी बात पहुंचाना बताया गया है।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को लेकर कहा कि दोनों की जोड़ी चुनाव में हारने के बाद बहाने तलाशती है। मुख्यमंत्री का यह बयान विपक्षी गठबंधन और उसके नेताओं पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी प्रमुखता दी।
गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पदयात्रा के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संगठन की सक्रियता दिखाने की कोशिश की गई। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। पार्टी की ओर से प्रदेश के अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। भाजपा नेता जहां विपक्षी दलों के नेतृत्व और चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाते हैं, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर जवाब देता रहा है। गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ का बयान भी इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है।









