उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने अलग-अलग मोर्चों की टीम में बदलाव की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, अगले 15 दिन के भीतर इस प्रक्रिया की शुरुआत हो सकती है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन में बड़े बदलाव करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगले 15 दिन के भीतर अनुसूचित जाति मोर्चा, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अन्य प्रकोष्ठों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों में फेरबदल किया जा सकता है।
बीजेपी संगठन इस बदलाव को एसआईआर प्रक्रिया (समीक्षा, निरीक्षण, रिपोर्टिंग) के बाद लागू करने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार ये बदलाव लागू होने के बाद पार्टी पूर्ण रूप से चुनावी मोड में प्रवेश करेगी और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देगी।
मोर्चों में बदलाव: जातीय समीकरण पर जोर
सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बार मोर्चों में बदलाव करते समय जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी स्वयं ओबीसी (कुर्मी) समाज से आते हैं, वहीं पश्चिमी यूपी में जाट, ब्रज क्षेत्र में यादव और ब्राह्मण समुदायों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा जा सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सपा के पीडीए गठबंधन के प्रभाव को कम करने की रणनीति से भी जुड़ा हुआ है। पार्टी इस बदलाव के जरिए विभिन्न समुदायों के बीच समर्थन मजबूत करने और संगठन को चुनावी मोर्चे पर तैयार करने की कोशिश कर रही है।
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पंचायत और विधान परिषद चुनाव भी ध्यान में
बीजेपी की यह संगठनात्मक तैयारी केवल विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं है। पार्टी इसे आगामी पंचायत चुनाव और विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव से जोड़कर देख रही है। इस रणनीति के तहत पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की योजना को भी सुदृढ़ करना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में 30-40 प्रतिशत तक बदलाव किया जा सकता है। इसका उद्देश्य न केवल संगठन को अधिक प्रभावी बनाना है, बल्कि पार्टी की नीतियों और कार्यशैली को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना भी है।
हाल ही में हुई बैठक और रणनीति
बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में लखनऊ में बैठक हुई, जिसमें पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों, विभागों के अध्यक्ष, महामंत्री, संयोजक और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी के मोर्चों में बदलाव और आगामी चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पंकज चौधरी ने कहा,
'पार्टी के विभिन्न विभाग और प्रकोष्ठों में काम करने वाले पदाधिकारियों की भूमिका काफी अहम है। संगठन में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। विभिन्न समाजिक वर्गों और क्षेत्रों तक पार्टी की कार्यशैली और नीतियों की जानकारी पहुंचाने में ये मोर्चे अहम भूमिका निभाते हैं। इसके जरिए संगठन और मजबूत होता है और लोग पार्टी के साथ जुड़ते हैं।'
महामंत्री धर्मपाल सिंह भी बैठक में मौजूद थे और उन्होंने पदाधिकारियों को संगठनात्मक बदलाव और चुनावी तैयारियों में पूरी सक्रियता दिखाने का संदेश दिया।










