शुक्रवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में पुलिस परिसर की मस्जिद के पास विस्फोटक से लदी एक गाड़ी में धमाका हुआ। इसके बाद हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस परिसर में घुसकर गोलीबारी की। अधिकारियों के अनुसार, हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक लोग घायल हुए।
यह हमला कोहाट के पुराने पुलिस लाइंस परिसर में हुआ। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार करीब 1:20 बजे विस्फोटक से लदी एक गाड़ी पुलिस परिसर की सीमा दीवार और मस्जिद के पास पहुंची और उसमें जोरदार विस्फोट हुआ। उस समय मस्जिद में शुक्रवार की नमाज चल रही थी।
विस्फोट के बाद कई हथियारबंद हमलावर पुलिस परिसर में घुस गए और पुलिस तथा काउंटर-टेररिज्म विभाग से जुड़े ठिकानों की ओर बढ़े। इसके बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच गोलीबारी हुई। पुलिस के अनुसार, सात हमलावर परिसर में घुसे थे और अभियान के दौरान सभी मारे गए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, हमले में 21 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 15 पुलिसकर्मी और छह नागरिक शामिल हैं। घायलों की संख्या 100 से अधिक बताई गई है। कोहाट के दो अस्पतालों में 103 घायलों को लाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें 73 पुलिसकर्मी और 30 नागरिक शामिल थे।
घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पेशावर के बड़े चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया। पांच घायलों की पेट की सर्जरी भी की गई।
मृतकों में पुलिस अधिकारियों के अलावा कोहाट के एक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. इजरायल खान औरकजई का नाम भी शामिल बताया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अकबर शिनवारी भी हमले में मारे गए लोगों में शामिल थे।
खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के अनुसार, वाहन से हुए विस्फोट के बाद हमलावरों ने पुलिस लाइंस में प्रवेश किया। कुछ हमलावर काउंटर-टेररिज्म विभाग की इमारत की ओर बढ़े, जबकि अन्य स्पेशल ब्रांच की दिशा में गए। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हमलावरों को मार गिराया।
घटना के बाद पूरे परिसर में तलाशी और क्लियरेंस ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों को खत्म करने और उनके सहयोगियों का पता लगाने के लिए अभियान जारी रखा गया। शुरुआती रिपोर्टों में एक हमलावर के परिसर में छिपे होने की भी जानकारी दी गई थी।

विस्फोट से मस्जिद और पुलिस परिसर को भारी नुकसान पहुंचा। घटनास्थल के वीडियो में मलबे के बीच लोगों को घायलों की मदद करते और एंबुलेंस को मौके पर पहुंचते देखा गया।
हमले के शुरुआती घंटों में किसी संगठन ने तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), जिसे पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है, ने बाद में इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया।
इसके बाद पाकिस्तानी मीडिया में हाफिज गुल बहादुर के नेतृत्व वाले इत्तेहादुल मुजाहिदीन पाकिस्तान (IMP) की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने की रिपोर्ट सामने आई। इस दावे को अलग-अलग स्रोतों ने रिपोर्ट किया है।
खैबर पख्तूनख्वा पुलिस ने हमले के संदर्भ में टीटीपी से जुड़े आतंकवादियों के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'फितना-अल-खवारिज' शब्द का इस्तेमाल किया है। हालांकि, जिम्मेदारी और हमलावर संगठन की पहचान से जुड़े दावों में रिपोर्टिंग के दौरान अंतर सामने आया है।
कोहाट हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के अफगानिस्तान से लगे इलाकों में उग्रवादी हिंसा बढ़ी है। खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमले किए जाते रहे हैं। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों और विभिन्न इस्लामी उग्रवादी संगठनों के बीच संघर्ष तेज हुआ है।
पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि कुछ आतंकवादी अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाने और प्रशिक्षण के लिए करते हैं। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इस आरोप को खारिज करती रही है और इसे पाकिस्तान की आंतरिक समस्या बताती है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कोहाट हमले की निंदा की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से घटना की रिपोर्ट मांगी और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
खैबर पख्तूनख्वा के अधिकारियों ने भी हमले की निंदा करते हुए अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बचाव अभियान में एंबुलेंस और बड़ी संख्या में राहतकर्मी लगाए गए थे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हमले की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाले हमले स्वीकार्य नहीं हैं।








