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NEET विवाद! स्टालिन सरकार को झटका, केंद्र ने छूट देने से किया इनकार

NEET विवाद! स्टालिन सरकार को झटका, केंद्र ने छूट देने से किया इनकार
अंतिम अपडेट: 11 घंटा पहले

तमिलनाडु सरकार को NEET विवाद में झटका लगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मेडिकल प्रवेश के लिए 12वीं अंकों के उपयोग और NEET छूट संबंधी विधेयक को अस्वीकार कर दिया।

Tamil-Nadu: तमिलनाडु सरकार लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को राज्य से हटाने की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार चाहती थी कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा के अंकों को आधार बनाया जाए। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नीट से छूट देने वाले विधेयक को मंजूरी नहीं दी, जिससे स्टालिन सरकार को बड़ा झटका लगा है।

NEET छूट को लेकर स्टालिन सरकार की मांग

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विधानसभा में बताया कि तमिलनाडु सरकार ने 2021 और 2022 में इस संबंध में विधेयक पारित किया था, जो लंबे समय से केंद्र के पास लंबित था। राज्य सरकार का तर्क है कि NEET परीक्षा ग्रामीण और कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ा अवरोध है। सरकार चाहती थी कि मेडिकल एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर हो, ताकि राज्य के छात्रों को लाभ मिल सके।

विधानसभा में प्रस्ताव

पिछले साल जून में तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से NEET को खत्म करने और राज्यों को स्कूल के अंकों के आधार पर मेडिकल एडमिशन देने की अनुमति देने का आग्रह किया था। हालांकि, केंद्र सरकार और राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे राज्य सरकार की उम्मीदों को झटका लगा।

NEET को लेकर तमिलनाडु में बढ़ते विरोध

NEET को लेकर तमिलनाडु में काफी विरोध है। परीक्षा के दबाव के चलते कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। हाल ही में 21 वर्षीय छात्रा ने परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्महत्या कर ली, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया। विपक्षी AIADMK नेता पलानीस्वामी ने DMK सरकार को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने में विफल रही है।

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