नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वरिष्ठ पूर्व नौकरशाह तरुण कपूर को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने उन्हें प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में एक वर्ष का सेवा विस्तार देने की मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर के कार्यकाल को एक बार फिर बढ़ा दिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके सेवा विस्तार को मंजूरी देते हुए उन्हें अगले एक वर्ष तक पीएम कार्यालय में सलाहकार बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह उनका तीसरा कार्यकाल विस्तार माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश कैडर के 1987 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी तरुण कपूर को प्रशासनिक और ऊर्जा क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्हें खासतौर पर भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने के कारण “सोलर मैन” कहा जाता है।
सेवा विस्तार को मिली मंजूरी
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के आदेश के अनुसार, तरुण कपूर का नया कार्यकाल 10 जून 2026 से प्रभावी होगा। उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार के रूप में बनाए रखने का निर्णय केंद्र सरकार की शीर्ष नियुक्ति समिति ने लिया है। सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनका दर्जा भारत सरकार में सचिव स्तर के बराबर रहेगा और वे ऊर्जा एवं नीति मामलों में सरकार को सलाह देते रहेंगे।
क्यों कहा जाता है उन्हें ‘सोलर मैन’?
तरुण कपूर को यह उपनाम भारत में सौर ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा मिशन को बढ़ावा देने में उनकी अहम भूमिका के कारण मिला है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव रहते हुए उन्होंने: सौर ऊर्जा परियोजनाओं को नीति स्तर पर मजबूत किया। हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार किया। हाइड्रोजन और बायोफ्यूल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर फोकस बढ़ाया। उन्हीं की नीतिगत पहल के कारण उन्हें प्रशासनिक हलकों में “सोलर मैन” कहा जाने लगा।
ऊर्जा क्षेत्र में लंबा अनुभव

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले तरुण कपूर का प्रशासनिक करियर कई अहम जिम्मेदारियों से भरा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उनका अनुभव इस प्रकार रहा है:
- हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव
- पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक
- शिमला और चंबा के जिला उपायुक्त
- जनजातीय क्षेत्र पांगी के आवासीय आयुक्त
- लोक निर्माण, वन एवं पर्यावरण, आबकारी एवं कराधान जैसे विभागों में सचिव/प्रधान सचिव
इस विविध अनुभव ने उन्हें नीति निर्माण और जमीनी प्रशासन दोनों में दक्ष बनाया।
पीएम मोदी के भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल
तरुण कपूर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन चुनिंदा नौकरशाहों में गिना जाता है, जिन पर सरकार ने ऊर्जा और नीति निर्माण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भरोसा जताया है। पेट्रोलियम सचिव के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भारत की ऊर्जा नीति में कई संरचनात्मक बदलाव देखे गए, विशेषकर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में।
तरुण कपूर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित केलेस्टन (लांगवुड) क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मंडी और पालमपुर में हुई। उनके परिवार का भी प्रशासनिक और तकनीकी पृष्ठभूमि से संबंध रहा है, क्योंकि उनके पिता बिजली विभाग में कार्यरत थे। इसी वजह से उनकी रुचि ऊर्जा क्षेत्र की ओर विकसित हुई।










