DRDO ने भारत का नया ‘घातक’ ड्रोन विकसित किया है, जो स्टेल्थ डिजाइन और लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता से लैस है। यह ड्रोन 1000 किलोमीटर दूर तक सटीक स्ट्राइक कर सकता है और 8 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम है। स्वदेशी कावेरी इंजन इसे अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाता है।
Ghatak Drone: भारत ने अपनी हवाई ताकत को बढ़ाने के लिए DRDO के तहत ‘घातक’ नामक स्टेल्थ ड्रोन तैयार किया है। यह लंदन की तकनीक के मुकाबले स्वदेशी कावेरी इंजन से लैस है और 1000 किलोमीटर तक दूरी पर मौजूद टारगेट को सटीक निशाना बनाने में सक्षम है। 8 घंटे की लगातार उड़ान और फाइटर जेट्स के साथ तालमेल इसे भविष्य की सैन्य रणनीति में अहम उपकरण बनाते हैं। इसकी ताकत और लंबी दूरी की मार भारत की हवाई रक्षा को नई दिशा देने की उम्मीद जगाती है।
स्टेल्थ डिजाइन और छुपकर हमला
‘घातक’ का फ्लाइंग-विंग स्ट्रक्चर और छिपे हुए इंजन इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल बनाते हैं। इसका मतलब है कि यह दुश्मन के मजबूत इलाके में बिना पकड़े हुए प्रवेश कर सकता है। DRDO ने 2022 में इसके SWiFT प्रोटोटाइप के जरिए उड़ान और एयरोडायनामिक्स का सफल परीक्षण किया।
ड्रोन फाइटर जेट्स जैसे Sukhoi Su-30MKI, HAL Tejas Mk2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ मिलकर मिशन को अंजाम दे सकेगा। इसकी स्टेल्थ क्षमता और सहनशक्ति इसे किसी भी आधुनिक एयर स्ट्राइक में अहम उपकरण बनाती है।

लंबी दूरी और स्वदेशी इंजन
‘घातक’ का अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 13 टन और ईंधन क्षमता लगभग 3.7 टन है, जिससे यह 8 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है। 1000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर स्थित टारगेट को सटीक तरीके से निशाना बनाने की क्षमता इसे खतनाक बनाती है।
इस ड्रोन को भारत में विकसित कावेरी इंजन के संशोधित संस्करण से चलाने की योजना है। स्वदेशी तकनीक इसे अधिक सक्षम बनाने के साथ भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगी।
भविष्य की हवाई रणनीति में भूमिका
‘घातक’ सिर्फ एक ड्रोन नहीं, बल्कि भारत की आने वाली हवाई रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। इसकी स्टेल्थ क्षमता, लंबी दूरी की मार और आधुनिक तकनीक इसे भविष्य की जंग में गेम-चेंजर बना सकती है। आने वाले वर्षों में यह भारत की हवाई ताकत को नई दिशा देने वाला साबित होगा।







