केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार जारी है। आयोग की अंतरिम रिपोर्ट दिसंबर 2026 तक और फाइनल रिपोर्ट 2027 तक आने की संभावना है, एरियर 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा, एरियर कब मिलेगा और सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। इस बीच सरकार ने नवंबर 2025 में 8th Pay Commission के लिए Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दे दी थी। आयोग की कार्यावधि 18 महीने की तय की गई है, जिसके बाद यह केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
रिपोर्ट की समय सीमा
आठवें वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। हालांकि अभी तक आयोग के लागू होने की कोई पुख्ता तारीख नहीं तय की गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आयोग दिसंबर 2026 तक अंतरिम रिपोर्ट पेश कर सकता है, जबकि फाइनल रिपोर्ट 2027 तक आने की संभावना है। आयोग की सिफारिशें मंजूर होने के बाद ही कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन वृद्धि और एरियर मिलेगा।
एरियर कब मिलेगा
जैसा कि आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है, यदि आयोग अपनी रिपोर्ट समय पर 18 महीनों के भीतर जमा कर भी देता है, तो भी इसे लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है। रिपोर्ट लागू होने के बाद एरियर की गणना 1 जनवरी 2026 से की जा सकती है।
GenZCFO के फाउंडर और CA मनीष मिश्रा के मुताबिक, "एरियर 1 जनवरी 2026 से कैलकुलेट किया जा सकता है। यह तारीख 7वें वेतन आयोग की आखिरी डेट के आधार पर तय की जाएगी, भले ही पेमेंट कमीशन की सिफारिशें मंज़ूर होने के बाद ही किया जाए।"
सैलरी में अनुमानित बढ़ोतरी
अभी तक यह साफ नहीं है कि आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। हालांकि, पिछली रेटिंग और आयोगों के अनुभव के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है।
- छठे वेतन आयोग के तहत औसत सैलरी में लगभग 40 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई थी।
- सातवें वेतन आयोग में 2.57 का समान फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ और सैलरी में औसत 20 से 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- आठवें वेतन आयोग के तहत भी अनुमानित सैलरी बढ़ोतरी 20 से 35 प्रतिशत के बीच हो सकती है।
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 30,000 से 32,000 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, यदि 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो यही सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 58,500 रुपये तक जा सकती है। ज्यादातर कर्मचारी प्रतिनिधि इस उच्च फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं ताकि सैलरी में अधिक लाभ मिल सके।
सैलरी बढ़ोतरी पर कर्मचारी प्रतिनिधियों की मांग
कर्मचारी और पेंशनर चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.25 लागू हो। उनका मानना है कि इससे न केवल न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। इससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पाएंगे।
किस आधार पर होगी सैलरी वृद्धि
आठवें वेतन आयोग सैलरी वृद्धि के लिए कई फैक्टर्स पर विचार करेगा। इनमें शामिल हैं:
- मौजूदा महंगाई दर और इन्फ्लेशन
- कर्मचारियों और पेंशनर्स के जीवन यापन की लागत
- सरकारी फाइनेंशियल स्ट्रक्चर और बजट उपलब्धता
- पिछले वेतन आयोग की सिफारिशें और उनके प्रभाव
- कर्मचारियों की पदोन्नति और अनुभव के आधार पर सैलरी ग्रेड
आयोग इन सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखकर सैलरी वृद्धि और एरियर की गणना करेगा।
एरियर की अनुमानित राशि
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर आठवें वेतन आयोग में 20 से 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होती है और एरियर 1 जनवरी 2026 से कैलकुलेट किया जाता है, तो कर्मचारियों को लाखों रुपये का एरियर मिल सकता है। यह राशि कर्मचारियों के वर्तमान वेतन, पद और सेवा वर्ष पर निर्भर करेगी।
आयोग की फाइनल रिपोर्ट 2027 तक आने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार इस रिपोर्ट पर निर्णय लेगी और सिफारिशों को लागू करेगी। रिपोर्ट लागू होने के बाद ही कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर का भुगतान शुरू किया जाएगा।









