अब्बास अराघची: ईरान-अमेरिका वार्ता के प्रमुख ‘डील मेकर’ और अनुभवी कूटनीतिज्ञ

Abbas Araghchi ईरान के प्रमुख कूटनीतिज्ञों में से एक हैं और ईरान-अमेरिका वार्ताओं में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें एक अनुभवी ‘डील मेकर’ माना जाता है, जिनकी

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही संवेदनशील कूटनीतिक वार्ताओं के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। उन्हें ईरान की विदेश नीति का सबसे भरोसेमंद चेहरा और कठिन परिस्थितियों में समझौता कराने में सक्षम “डील मेकर” माना जाता है। 

World News: Abbas Araghchi इन दिनों अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं, क्योंकि Iran और United States के बीच चल रही सीजफायर वार्ता में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। उन्हें एक मजबूत ‘डील मेकर’ के रूप में देखा जाता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बातचीत को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं।

अराघची का कूटनीतिक करियर लंबे अनुभव और कई महत्वपूर्ण वार्ताओं से भरा रहा है। वर्ष 2015 में ऑस्ट्रिया की राजधानी Vienna में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और Germany के साथ Iran के परमाणु समझौते की अंतिम वार्ता में भी वे प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उस समय उनकी सख्त और स्पष्ट कूटनीतिक शैली की काफी चर्चा हुई थी।

ईरान-अमेरिका वार्ता में अहम भूमिका

वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने और संभावित समझौते की दिशा में जो बातचीत चल रही है, उसमें अब्बास अराघची मुख्य वार्ताकारों में शामिल हैं। उनकी कूटनीतिक शैली संतुलित लेकिन सख्त मानी जाती है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी संवाद स्थापित करने में सक्षम रहते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, अराघची ऐसे समय में ईरान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। उनकी भूमिका न केवल बातचीत को आगे बढ़ाने की है, बल्कि ईरान के रणनीतिक हितों की रक्षा करना भी है।

अराघची का नाम पहली बार वैश्विक स्तर पर 2015 के ऐतिहासिक परमाणु समझौते (JCPOA) के दौरान प्रमुखता से सामने आया था। उस समय उन्होंने वियना में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और जर्मनी के साथ हुई वार्ताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस समझौते के दौरान उनकी सख्त और स्पष्ट कूटनीतिक शैली की काफी चर्चा हुई थी। वे उन प्रमुख वार्ताकारों में शामिल थे जिन्होंने लंबे और जटिल संवादों को अंतिम समझौते तक पहुंचाने में योगदान दिया।

लंबा और विविध कूटनीतिक करियर

अब्बास अराघची: ईरान-अमेरिका वार्ता के प्रमुख ‘डील मेकर’ और अनुभवी कूटनीतिज्ञ

अब्बास अराघची ने 1989 में ईरान के विदेश मंत्रालय में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पदों पर काम करते हुए अनुभव हासिल किया। वे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से भी जुड़े रहे हैं और फिनलैंड तथा जापान में ईरान के राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। 2003 से 2007 के बीच वे यूरोप विभाग के प्रमुख भी रहे, जहां उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ ईरान के संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया।

अराघची का जन्म 5 दिसंबर 1962 को तेहरान में हुआ था। उन्होंने इंग्लैंड की केंट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी की है। उनके अध्ययन का फोकस इस्लामिक राजनीतिक विचार और वैश्विक राजनीतिक अर्थव्यवस्था रहा, जिसने उनकी कूटनीतिक सोच को गहराई दी। उनका पारिवारिक पृष्ठभूमि व्यापार से जुड़ा रहा है, विशेष रूप से कालीन उद्योग से। किशोरावस्था में ही पिता के निधन के बाद उन्होंने अपने जीवन को शिक्षा और कूटनीति की दिशा में आगे बढ़ाया।

व्यक्तित्व और रुचियां

अराघची को एक सादगीपूर्ण और अनुशासित व्यक्ति माना जाता है। फिनलैंड में राजदूत रहते हुए वे साइकिल से कार्यालय जाते थे, जो उनके सरल जीवन का उदाहरण है। उन्हें फारसी संगीत में रुचि है और वे सोशल मीडिया के माध्यम से वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय साझा करते हैं। वे अंग्रेजी और अरबी भाषाओं में धाराप्रवाह हैं, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में अतिरिक्त लाभ देता है।

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