India–Canada Relations: ऊर्जा, व्यापार और निवेश के नए दौर की शुरुआत; कनाडा ने भारत की ओर बढ़ाया रणनीतिक कदम

India और Canada के बीच रिश्तों में नया मोड़ देखने को मिल रहा है। ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में कनाडा ने भारत की ओर रणनीतिक कदम

India और Canada के बीच संबंध फिर से मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं। इस दिशा में Canada तेजी से काम कर रहा है। Christopher Cooter ने कहा है कि उभरती हुई ऊर्जा साझेदारी भारत-कनाडा संबंधों का एक अहम स्तंभ बन रही है। 

नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से ठंडे पड़े संबंध अब एक बार फिर गर्म होते नजर आ रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच दोनों देशों ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कनाडा के उच्चायुक्त Christopher Cooter ने हालिया बयान में कहा है कि भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा साझेदारी दोनों देशों के संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन रही है।

उन्होंने संकेत दिया कि ओटावा अब अपने निर्यात बाजार को केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि भारत जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार की ओर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

भारत-कनाडा ऊर्जा साझेदारी में बड़ा बदलाव

कनाडा अब अपने ऊर्जा संसाधनों के निर्यात के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम कर रहा है। यह बदलाव उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश अपने निर्यात को विविध (diversify) करना चाहता है। Christopher Cooter के अनुसार, मार्च में प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 62-बिंदुओं वाला संयुक्त बयान जारी हुआ था, जिसमें सबसे बड़ा फोकस ऊर्जा क्षेत्र पर था।

इस समझौते में भारत द्वारा अगले 10 वर्षों में 2.6 बिलियन डॉलर के यूरेनियम खरीद समझौते को भी शामिल किया गया है, जो दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत बनाता है।

कनाडा की ऊर्जा क्षमता और भारत की भूमिका

कनाडा दुनिया के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल है:

  • हाइड्रो एनर्जी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक
  • कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक
  • प्राकृतिक गैस का पांचवां सबसे बड़ा उत्पादक
  • एलपीजी का पांचवां सबसे बड़ा उत्पादक

इसके बावजूद, कनाडा का अधिकांश निर्यात अब तक अमेरिका पर केंद्रित रहा है। लेकिन अब स्थिति बदल रही है।

India–Canada Relations: ऊर्जा, व्यापार और निवेश के नए दौर की शुरुआत; कनाडा ने भारत की ओर बढ़ाया रणनीतिक कदम

अमेरिका से बाहर निकलकर नए बाजारों की तलाश

Christopher Cooter ने कहा कि कनाडा ने अब अमेरिका और उत्तरी एशिया से बाहर के देशों को ध्यान में रखते हुए नए एक्सपोर्ट टर्मिनल विकसित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि कनाडा अब अपनी ऊर्जा सप्लाई को केवल एक बाजार पर निर्भर नहीं रखना चाहता और भारत जैसे देशों को एक प्रमुख विकल्प के रूप में देख रहा है।

कनाडा के अनुसार, भारत के साथ ऊर्जा सहयोग के कई प्रोजेक्ट्स 2027 तक जमीन पर उतर सकते हैं। विशेष रूप से LPG और पेट्रोलियम उत्पादों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच चर्चा तेज हो रही है। कनाडा के दो बड़े LPG उत्पादक पहले ही उत्पादन बढ़ा रहे हैं और भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ लगातार बातचीत चल रही है।

कनाडा दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा तेल उत्पादक है, लेकिन LNG निर्यात में अभी 14वें स्थान पर है। वर्तमान में उसका अधिकांश निर्यात अमेरिका को जाता है। अब कनाडा भारत जैसे देशों को लक्ष्य बनाकर LNG और कच्चे तेल के निर्यात का विस्तार करना चाहता है। भारत की रिफाइनरी क्षमता को देखते हुए यह सहयोग दोनों देशों के लिए लाभदायक माना जा रहा है।

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