Abu Mohammed al-Jolani: जानिए कौन है अबु मोहम्मद अल जोलानी? जिसने असद को झुकने पर किया मजबूर

अबु मोहम्मद अल जोलानी, हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के प्रमुख, ने 2016 में अल-कायदा से अलग होकर असद के खिलाफ संघर्ष की रणनीति अपनाई। जानें उनकी यात्रा। अबु जोलानी

अबु मोहम्मद अल जोलानी हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के प्रमुख हैं, जो एक इस्लामिक नेता हैं, लेकिन वे खुद को आधुनिक विचारों वाला नेता मानते हैं। 2016 में, जोलानी ने HTS को अल कायदा से अलग करने का ऐलान किया था। उनके नेतृत्व में, संगठन ने अपने उद्देश्यों को नया रूप दिया और एक स्वतंत्र पहचान स्थापित करने की कोशिश की।

Abu Mohammed al-Jolani News: रविवार (8 दिसंबर 2024) को सीरियाई विद्रोही गुट हयात तहरीर अल शाम (HTS) ने दमिश्क और सरकारी टीवी नेटवर्क पर कब्जा कर लिया। सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने विमान से अज्ञात स्थान की ओर उड़ान भरी, और सेना से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। HTS ने पूरी सीरिया पर अपने नियंत्रण की घोषणा की।

कौन कर रहा है एचटीएस का नेतृत्व?

Abu Mohammed al-Jolani: जानिए कौन है अबु मोहम्मद अल जोलानी? जिसने असद को झुकने पर किया मजबूर

अब सीरिया में विद्रोही गुट हयात तहरीर अल शाम (HTS) के प्रमुख अबु मोहम्मद अल जोलानी के नेतृत्व में चल रहा है। जोलानी ने 2016 में एचटीएस को अल कायदा से अलग कर लिया था और अब उनका उद्देश्य बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ना है। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, "हमारा लक्ष्य इस शासन को उखाड़ना है।"

कौन हैं अबू मोहम्मद अल जोलानी?

अबु मोहम्मद अल जोलानी का जन्म 1982 में सीरिया की राजधानी दमिश्क में हुआ था। उनका परिवार गोलान हाइट्स से है, जिसे 1967 में इस्राइल ने कब्जा कर लिया था। जोलानी ने कई इंटरव्यू में दावा किया कि उनके दादा को उस समय गोलान हाइट्स से भागना पड़ा था।

Abu Mohammed al-Jolani: जानिए कौन है अबु मोहम्मद अल जोलानी? जिसने असद को झुकने पर किया मजबूर

2016 में अल-कायदा से अलग होने के बाद, जोलानी ने खुद को एक उदारवादी नेता के रूप में पेश किया, हालांकि पश्चिमी देश अब भी HTS को एक आतंकवादी संगठन मानते हैं।

HTS की विचारधारा और अमेरिका का रुख

अल कायदा से अलग होने के बाद से जोलानी ने HTS की विचारधारा को इस्लामी शरिया कानून के आधार पर तैयार किया, लेकिन उनकी यह सोच अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए आपत्ति का कारण रही है। जोलानी का कहना है कि वह किसी भी साधन से बशर अल-असद की सरकार को गिराना चाहते हैं। इसके बावजूद, पश्चिमी देशों की नज़र में एचटीएस एक कट्टरपंथी आतंकवादी संगठन ही बना हुआ है।

बशर अल-असद के खिलाफ जोलानी की जिद

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जोलानी का स्पष्ट उद्देश्य सीरिया में बशर अल-असद की सरकार को खत्म करना है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनका गुट असद के शासन के खिलाफ पूरी तरह से संघर्ष करेगा और इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करेगा। जोलानी की यह स्पष्ट योजना है कि वह सीरिया के शासन को बदलने के लिए अपने समूह के जरिए सैन्य बल का सहारा लें।

बशर अल-असद की कमजोरी

HTS के खिलाफ बशर अल-असद की कमजोर स्थिति ने देश के विभिन्न हिस्सों में विद्रोह को और हवा दी है। जोलानी ने अपनी कड़ी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से एचटीएस को मजबूत किया है। अबू मोहम्मद अल जोलानी का प्रभाव और उनकी नीतियां सीरिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी हैं, जिससे देश की राजनीतिक स्थिति और अस्थिर हो सकती है।

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