ओमान में मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर आठ दिन बाद हमीरपुर पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।
हमीरपुर: ओमान में मिसाइल हमले का शिकार हुए 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा की पार्थिव देह आठ दिन बाद उनके पैतृक गांव भालू पहुंची। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही परिजनों का दुख छलक पड़ा। माता-पिता और दादी जवान बेटे को अंतिम बार देखकर बेसुध हो गए, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
आठ दिन बाद घर लौटा आदित्य, गांव में छाया मातम
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के भालू गांव में गुरुवार का दिन बेहद भावुक और दर्दभरा रहा। ओमान में मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा की पार्थिव देह आठ दिन बाद उनके घर पहुंची। जैसे ही एंबुलेंस गांव में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित एकत्र हो गए थे। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो चुका था।
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पार्थिव शरीर को देखते ही परिवार के सदस्यों का दर्द छलक पड़ा। माता-पिता और दादी अपने लाडले को अंतिम बार देखकर बेसुध हो गए। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। गांव में हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा थी कि एक होनहार युवा इतनी कम उम्र में दुनिया छोड़कर चला गया।
मेडिकल कॉलेज में पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया
आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर बुधवार शाम हमीरपुर के डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया था। शव को मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखा गया, जहां रातभर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
गुरुवार सुबह करीब आठ बजे दो चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। यह प्रक्रिया करीब साढ़े चार घंटे तक चली और दोपहर साढ़े बारह बजे के आसपास पूरी हुई। इसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम की सभी औपचारिकताएं नियमानुसार पूरी की गईं।
सिर पर मिले गंभीर चोट के निशान
जानकारी के अनुसार आदित्य का पोस्टमार्टम न तो ओमान में हुआ था और न ही दिल्ली में। इसलिए पूरी चिकित्सीय जांच हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में ही की गई। प्रारंभिक जांच में उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं।
हालांकि मौत के सटीक कारणों और चोटों की प्रकृति को लेकर अंतिम जानकारी विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। मेडिकल टीम रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी। प्रशासन पूरे मामले की औपचारिक प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है।
पूरे हमीरपुर में शोक का माहौल
आदित्य शर्मा की मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे हमीरपुर जिले में दुख और शोक का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्य बेहद मेहनती, विनम्र और प्रतिभाशाली युवा थे। मर्चेंट नेवी में उनका चयन परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व की बात थी।
गांव के लोगों ने बताया कि आदित्य अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए थे। उनकी असमय मौत ने सभी को गहरा झटका दिया है। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
पार्थिव देह के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की गईं। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने आदित्य को अंतिम विदाई दी। हर किसी की जुबान पर उनके अच्छे व्यवहार और संघर्ष की बातें थीं।
इस दुखद घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। आदित्य शर्मा की यादें अब उनके परिवार, दोस्तों और गांव के लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी। उनकी असमय मृत्यु ने सभी को यह एहसास करा दिया कि जीवन कितना अनिश्चित है और एक पल में सब कुछ बदल सकता है।










