AI इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी ने पेश किया 'MANAV' विजन, एआई को नैतिक बनाने का रोडमैप

प्रधानमंत्री मोदी ने AI इंपैक्ट समिट 2026 में MANAV विजन पेश किया। भारत नैतिक, पारदर्शी और समावेशी AI अपनाकर वैश्विक नेतृत्व करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने एआई इंपैक्ट समिट 2026 में MANAV विजन पेश किया। यह विजन भारत में एआई को नैतिक, पारदर्शी, समावेशी और कानूनी रूप से वैध बनाने का मार्गदर्शन देगा।

AI Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इंपैक्ट लीडरशिप समिट 2026 में ‘MANAV’ विजन पेश किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुनिया में दो तरह के लोग हैं। कुछ लोग एआई को लेकर डरते हैं, जबकि कुछ लोग इसमें अवसर और भाग्य देखते हैं। भारत के लोग एआई में अवसर देखते हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस तकनीक को डर के बजाय अवसर के रूप में अपनाएगा और इसे समावेशी और नैतिक दिशा में आगे बढ़ाएगा।

MANAV विजन का मतलब

पीएम मोदी ने बताया कि MANAV विजन पांच मूल सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता है। M का मतलब है मोरल एंड एथिकल सिस्टम, यानी एआई एथिकल गाइडेंस पर आधारित हो। A का मतलब है अकाउंटेबल गवर्नेंस, यानी पारदर्शी और जिम्मेदार नियम। N का मतलब है नेशनल सोवरेन्टी, अर्थात डेटा पर अधिकार केवल उसके मालिक का हो। दूसरे A का मतलब है एक्सेसिबल एंड इंक्लूसिव, यानी एआई किसी एक कंपनी या समूह का मोनोपोली न बने बल्कि सभी के लिए खुला और बहु-प्लेयरी हो। V का मतलब है वैलिड एंड लेजिटिमेट, यानी एआई वैध और कानूनी रूप से उचित हो।

पीएम मोदी ने कहा कि MANAV विजन केवल शब्द नहीं, बल्कि एआई को दिशा देने वाला मार्गदर्शन है। इस विजन के माध्यम से भारत एआई को नैतिक, पारदर्शी और समाजोपयोगी बनाने की दिशा में काम करेगा।

एआई को सही दिशा में ले जाने का महत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे GPS हमें रास्ता दिखाता है लेकिन दिशा तय हमारी होती है, वैसे ही एआई भी मार्गदर्शन करता है लेकिन अंतिम निर्णय मनुष्य का होगा। उन्होंने कहा कि आज हम जिस दिशा में एआई को लेकर जाएंगे, वही भविष्य तय करेगा। MANAV विजन इसके लिए रोडमैप प्रदान करता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मशीन लर्निंग तेजी से बढ़ रही है और लर्निंग मशीन बन रही है। ऐसे में हमें बड़े विजन के साथ जिम्मेदारी निभानी होगी। यह जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले समय में युवा और समाज एआई से सही और नैतिक लाभ प्राप्त करें।

भारत में एआई की संभावनाएँ

एआई इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियां तेजी से एआई मॉडल विकसित कर रही हैं। भारत में एआई को व्यापक रूप से अपनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि MANAV विजन के माध्यम से एआई मोनोपोली नहीं बनेगी बल्कि यह सबके लिए खुला और समावेशी होगा।

भारत में एआई के इस बड़े दृष्टिकोण का उद्देश्य केवल तकनीकी विकास नहीं बल्कि समाज, अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन में सुधार लाना है। पीएम मोदी ने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल कंप्यूटर या मशीन तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि यह हर नागरिक तक पहुँचने वाला होना चाहिए।

नैतिकता और पारदर्शिता पर जोर

पीएम मोदी ने MANAV विजन में नैतिकता और पारदर्शिता को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एआई निर्णय लेने में पारदर्शी हो और सभी का डेटा सुरक्षित रहे। साथ ही, इस तकनीक का उपयोग समाज की भलाई के लिए होना चाहिए। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि किसी एक कंपनी या समूह के हाथ में एआई की ताकत नहीं जानी चाहिए।

इस विजन के तहत भारत एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि एआई का विकास और संचालन नैतिक, कानूनी और जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए।

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