AI Summit का अनोखा किस्सा, टाटा चेयरमैन ने दिखाया 4 घंटे में महिलाओं की टेक महारत

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में 1500 ग्रामीण महिलाओं ने चार घंटे में AI टूल्स सीखकर प्रोजेक्ट तैयार किए, डिजिटल साक्षरता बढ़ी।

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत का अगला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं और कम तकनीकी अनुभव वाले लोगों को AI तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया। चार घंटे के प्रशिक्षण में 1500 महिलाओं ने AI टूल्स सीखकर व्यावहारिक प्रोजेक्ट तैयार किए।

AI Education and Empowerment: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया कि AI भारत का अगला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। समिट नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी समेत कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। इस मौके पर 1500 ग्रामीण महिलाओं ने केवल चार घंटे में AI टूल्स सीखकर प्रोडक्ट और मार्केटिंग कैंपेन तैयार किया। चेयरमैन ने कहा कि इसका उद्देश्य हर भारतीय तक AI पहुंचाना और डिजिटल साक्षरता बढ़ाना है, जिससे देश की टेक्नोलॉजी क्षमता मजबूत हो।

AI को भारत का अगला इंफ्रास्ट्रक्चर

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत का अगला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो डेटा से सीखता है और तेजी से स्केल करता है। उन्होंने जोर दिया कि AI को हर भारतीय तक पहुंचाना चाहिए, खासकर ग्रामीण महिलाएं और कम तकनीकी अनुभव वाले लोग। भारत मंडपम में आयोजित प्रशिक्षण में 1500 ग्रामीण महिलाओं ने केवल चार घंटे में AI टूल्स सीखकर प्रोडक्ट और मार्केटिंग कैंपेन तैयार किए।

ग्रामीण महिलाओं के लिए टेक सशक्तिकरण

एन चंद्रशेखरन ने बताया कि इन महिलाओं का पहले कंप्यूटिंग या डिजिटल टूल्स का कोई अनुभव नहीं था। फिर भी, चार घंटे के प्रशिक्षण में उन्होंने AI का उपयोग कर व्यावहारिक काम करना सीख लिया। यह उदाहरण दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और टूल्स के साथ डिजिटल साक्षरता तेजी से बढ़ सकती है।

AI और IT इंडस्ट्री पर असर

चेयरमैन ने कहा कि AI का असर सिर्फ ग्रामीण या शहरी लोगों पर ही नहीं बल्कि सार्वजनिक सेवा और एंटरप्राइज बिज़नेस पर भी होगा। IT इंडस्ट्री के लिए यह सबसे बड़ा अवसर है, क्योंकि AI तकनीक को बिज़नेस और टेक्नोलॉजी लैंडस्केप में सही ढंग से लागू करना कंपनियों की वास्तविक वैल्यू बढ़ाएगा।

एन चंद्रशेखरन का यह उदाहरण दर्शाता है कि AI सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे देश के हर नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है। यह पहल डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और ग्रामीण टेक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण साबित होगी।

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