अलीगढ़ के लघु सिंचाई विभाग में महिला कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को विभागीय कार्यालय में महिला और पुरुष कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई महिला कर्मचारियों ने अपनी शिकायतें सामने रखते हुए आरोप लगाया कि अभियंता उन्हें रात के समय फोन करते हैं और बातचीत के दौरान अभद्र व्यवहार करते हैं। कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
महिला कर्मचारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यालय से संबंधित काम के अलावा भी उन्हें फोन किए जाते हैं। सोमवार के प्रदर्शन में रात में फोन आने और परेशान किए जाने की शिकायत प्रमुखता से उठाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि अगर किसी महिला कर्मचारी को देर रात फोन किया जाता है और बातचीत का तरीका उचित नहीं होता, तो इससे कार्यस्थल का माहौल प्रभावित होता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और विभागीय स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
यह मामला अचानक सामने नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले शुक्रवार को भी एक महिला संविदा कर्मचारी के स्वजन विभागीय कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने वहां हंगामा करते हुए संबंधित अभियंता पर मानसिक उत्पीड़न, धमकी देने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। महिला की ओर से विभागीय अधिकारियों को शिकायत दिए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद सोमवार को एक बार फिर कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान महिला कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण चाहती हैं। कर्मचारियों की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ मामलों में अधिकारियों का व्यवहार ऐसा रहा, जिससे महिला कर्मचारियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। रात में फोन किए जाने की शिकायत को लेकर भी कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष कर्मचारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। विभागीय कार्यालय में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई और उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों का कहना था कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी कर्मचारी को कार्यस्थल पर दबाव या असहज परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी इस पर नजर बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला संविदा कर्मचारी से जुड़े पुराने मामले में उसके स्वजन ने भी अभियंता के व्यवहार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि महिला को मानसिक रूप से परेशान किया गया और धमकी भी दी गई। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच का विषय है। किसी अधिकारी पर लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता। फिलहाल इस मामले में कर्मचारियों की शिकायत और विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से सामने आया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। महिला कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय में काम करने के दौरान उन्हें पेशेवर माहौल मिलना चाहिए और किसी भी तरह की शिकायत होने पर उसकी सुनवाई होनी चाहिए। कर्मचारियों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि शिकायतों को सिर्फ औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि संबंधित पक्षों के बयान लेकर मामले की जांच की जाए।
अधिशासी अभियंता अशोक कुमार पर लगे आरोप फिलहाल कर्मचारियों और शिकायतकर्ताओं के पक्ष से सामने आए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में आरोपी अधिकारी की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। इसलिए आरोपों को अभी शिकायत के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, कॉल संबंधी रिकॉर्ड, कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्य मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
विभागीय कार्यालय में सोमवार को हुए विरोध के बाद कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन से कार्रवाई की मांग दोहराई। महिला कर्मचारियों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी यदि स्थिति स्पष्ट नहीं होती है तो उन्हें अपनी आवाज आगे भी उठानी पड़ सकती है। वहीं, मामले में विभागीय अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी कर्मचारियों की नजर है।
फिलहाल अलीगढ़ के लघु सिंचाई विभाग का यह मामला महिला कर्मचारियों की शिकायतों के कारण चर्चा में है। एक ओर महिला कर्मचारी अधिशासी अभियंता पर रात में फोन करने, परेशान करने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। विभाग और प्रशासन की ओर से यदि मामले की जांच कराई जाती है तो शिकायतों, कर्मचारियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।











