अल्मोड़ा नगर निगम का ₹37.15 करोड़ का घाटे का बजट पेश, विकास कार्यों पर 10 घंटे तक चली बोर्ड बैठक|

अल्मोड़ा नगर निगम ने ₹37.15 करोड़ का घाटे का बजट पेश किया। 10 घंटे चली बोर्ड बैठक में विकास कार्य, सफाई, पार्किंग, अतिक्रमण और जलापूर्ति पर चर्चा हुई।

अल्मोड़ा नगर निगम की बोर्ड बैठक में ₹37.15 करोड़ का घाटे का बजट पेश किया गया। बैठक में अतिक्रमण, पार्किंग, सफाई, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति और विकास कार्यों समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर करीब 10 घंटे तक चर्चा हुई।

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा नगर निगम की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष के लिए ₹37.15 करोड़ का घाटे का बजट प्रस्तुत किया गया। निगम की अनुमानित आय ₹36.32 करोड़ आंकी गई है, जबकि प्रस्तावित व्यय इससे अधिक रखा गया है। महापौर अजय वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, पार्किंग, अतिक्रमण हटाने और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

घाटे का बजट पेश, आय बढ़ाने पर रहेगा जोर

नगर निगम की बोर्ड बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय ₹36.32 करोड़ है, जबकि कुल व्यय ₹37.15 करोड़ प्रस्तावित किया गया है। इस कारण बजट घाटे का रहा। बैठक में निगम की आय बढ़ाने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण के लिए नई नियमावली तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

महापौर अजय वर्मा ने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए नए राजस्व स्रोत तलाशे जाएंगे और शहर के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने उठाए कई मुद्दे

बैठक की शुरुआत में उत्तराखंड सरकार द्वारा नामित आठ नए पार्षदों ने शपथ ग्रहण की। इसके बाद विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने करीब 300 विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव सदन में रखे। कई पार्षदों ने पहले से स्वीकृत विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी नहीं होने पर नाराजगी जताई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की।

बैठक के दौरान वार्डों में सड़क, नाली, पेयजल, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को दस दिनों के भीतर आय-व्यय का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

शहर की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर मंथन

बोर्ड बैठक में शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें क्षतिग्रस्त सड़कों, नालियों, पुलियों और रेलिंग की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार, नए विद्युत पोल लगाने, सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण और नई पार्किंग विकसित करने जैसे विषय शामिल रहे।

इसके अलावा कूड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाने, पर्यावरण मित्रों की संख्या बढ़ाने, आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम बनाने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था सुधारने और अवैध होर्डिंग हटाने जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनी। निगम की दुकानों के किराये की समीक्षा और बिना लाइसेंस संचालित व्यवसायों के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा की गई।

पार्षद निधि और मासिक भत्ते का प्रस्ताव

बैठक में प्रत्येक पार्षद को अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए ₹5 लाख की निधि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही पार्षदों को ₹25 हजार मासिक भत्ता दिए जाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। इन प्रस्तावों पर सदन में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

महापौर अजय वर्मा ने कहा कि बोर्ड बैठक में उठाए गए सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उनका कहना था कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी पार्षदों के सहयोग से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जाएंगे।

10 घंटे तक चली बोर्ड बैठक

नगर निगम की बोर्ड बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और रात लगभग 10 बजे तक चली। अल्मोड़ा नगर निगम के 40 वार्डों से जुड़े विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा होने के कारण बैठक करीब 10 घंटे तक चली।

बैठक में नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह, प्रशासनिक अधिकारियों समेत सभी 40 वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। नगर निगम का कहना है कि बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर शहर में विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए जल्द आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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