अमित शाह का अयोध्या दौरा रद्द, दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे रामलला का राजतिलक

अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में अमित शाह शामिल नहीं होंगे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 7 नवंबर को रामलला और माता सीता का राजतिलक करेंगे।
अमित शाह का अयोध्या दौरा रद्द, दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे रामलला का राजतिलक
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अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले 10वें दीपोत्सव को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रस्तावित अयोध्या दौरा रद्द कर दिया गया है। पहले चर्चा थी कि अमित शाह दीपोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और महर्षि वशिष्ठ की भूमिका निभाते हुए भगवान श्रीराम और माता सीता का राजतिलक करेंगे। अब उनकी जगह उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वह महर्षि वशिष्ठ की भूमिका में रामलला और माता सीता का राजतिलक करेंगे। अयोध्या के भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने अमित शाह का कार्यक्रम रद्द होने और उपराष्ट्रपति के दीपोत्सव में शामिल होने की जानकारी दी है। 
इस बार दीपोत्सव में एक नई परंपरा देखने को मिलेगी। अब तक दीपोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का राजतिलक करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निभाते रहे हैं। लेकिन इस बार उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन यह धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। वह राम और सीता का राजतिलक करने के साथ उनकी आरती भी उतारेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहेंगी।

दीपोत्सव को त्रेतायुग की झलक देने के लिए इस बार विशेष तैयारियां की जा रही हैं। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों को पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर से लाने की योजना है। इसके बाद पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया जाएगा। शहर में रामायण से जुड़े प्रसंगों को दर्शाने वाली सजावट और कलाकृतियां भी तैयार की जा रही हैं। अयोध्या के प्रमुख मार्गों, चौराहों, घाटों और मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। 
इस बार सरयू तट पर होने वाली महाआरती भी दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 5100 बातियों से होने वाली महाआरती में शामिल होंगे। इसके लिए सरयू तट पर 30 गुणा 20 वर्गफीट का विशेष मंच तैयार किया जा रहा है। आयोजन में 2147 अर्चक और बटुक भी महाआरती करेंगे। सरयू नदी के किनारे दीपों की रोशनी, आरती और आतिशबाजी का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा। 
दीपोत्सव की तैयारियां केवल राम की पैड़ी और सरयू घाट तक सीमित नहीं हैं। पूरी अयोध्या को रोशनी और सजावट से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। शहर के भवनों, पुलों, सड़कों, गलियों, चौराहों और मठ-मंदिरों को सजाया जा रहा है। एक प्रमुख पार्क में भव्य रामदरबार तैयार किया जा रहा है, जहां भगवान श्रीराम माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी के साथ विराजमान होंगे। रामदरबार के सामने विशिष्ट अतिथियों और संत-धर्माचार्यों के बैठने की व्यवस्था भी की जा रही है।

इस वर्ष दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख दीपक जलाने की तैयारी की जा रही है। घाटों पर दीप बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है। दीपों को निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से सजाने और कार्यक्रम के दिन उन्हें प्रज्ज्वलित करने की जिम्मेदारी अलग-अलग टीमों को दी गई है। 
श्रद्धालुओं और आम लोगों तक दीपोत्सव का नजारा पहुंचाने के लिए शहर के 25 से अधिक प्रमुख स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारी है। रामघाट, हनुमानगढ़ी, टेढ़ी बाजार, नाका चुंगी और सिविल लाइंस समेत कई इलाकों में लोग आयोजन का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। इससे उन लोगों को भी दीपोत्सव की झलक मिल सकेगी जो भीड़ या अन्य कारणों से मुख्य आयोजन स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे। 
अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन हर साल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास महत्व रखता है। इस बार उपराष्ट्रपति की मौजूदगी और उनके हाथों रामलला का राजतिलक होने से कार्यक्रम का स्वरूप अलग होगा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, अतिथियों के आगमन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। सात नवंबर को होने वाले इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।

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