अमित शाह ने नशे के सौदागरों को दी कड़ी चेतावनी: 2047 तक ड्रग नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य

गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के सौदागरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भारत को 2047 तक ड्रग-फ्री बनाने का लक्ष्य है। जानें सरकार की रणनीति, नशे के खिलाफ अभियान

Research and Analysis Wing (RAW), जो विदेशों से खुफिया जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने वाली भारत की प्रमुख एजेंसी है, ने शुक्रवार को अपनी वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया।

नई दिल्ली: भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी Research and Analysis Wing (RAW) के एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने नशा तस्करी और संगठित ड्रग नेटवर्क को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है और इस दिशा में सुरक्षा एजेंसियों ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।

कार्यक्रम का विषय “मादक पदार्थ: एक सीमाहीन खतरा, एक सामूहिक जिम्मेदारी” रखा गया था, जिसमें देश और दुनिया में बढ़ते ड्रग नेटवर्क की चुनौतियों पर चर्चा हुई।

2047 तक ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने 2047 तक विकसित और सुरक्षित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें नशा मुक्त समाज एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ पर आधारित है, जिसके तहत किसी भी स्तर पर ड्रग तस्करी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत का उपयोग किसी भी तरह से ड्रग्स के उत्पादन, ट्रांजिट या वितरण के लिए न हो सके।

Amit Shah ने अपने संबोधन में कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग्स का पैसा आतंकवाद और आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करता है, जिससे समानांतर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। गृह मंत्री ने कहा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां ड्रग कार्टेल्स को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही हैं और एक समग्र रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक रणनीति पर जोर

गृह मंत्री ने इस समस्या को वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा कि इसे केवल किसी एक देश द्वारा हल नहीं किया जा सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को जरूरी बताते हुए कहा कि सभी जिम्मेदार देशों को मिलकर इस खतरे के खिलाफ एक साझा रणनीति बनानी होगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अभी संयुक्त प्रयास शुरू नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में इस समस्या को नियंत्रित करना और कठिन हो जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए वैश्विक स्तर पर एक समान कानूनी ढांचा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियंत्रित पदार्थों की परिभाषा और सजा के मानकों पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बननी चाहिए, ताकि तस्कर देशों की कानूनी खामियों का फायदा न उठा सकें।उनके अनुसार, कानूनों में असमानता ही अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को मजबूत होने का मौका देती है।

गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की खेप को रोकने के साथ-साथ मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

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