वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए घरेलू खनिज संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया। ओडिशा में कंपनी ने ₹1 लाख करोड़ के अतिरिक्त निवेश और दो लाख से अधिक रोजगार का प्रस्ताव रखा है।
Business: वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत को खनिज संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि देश को जमीन के नीचे मौजूद संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। इस दौरान वेदांता ने ओडिशा में रिफाइनरी और स्मेल्टर परियोजनाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ के अतिरिक्त निवेश की योजना बताई।
ओडिशा में ₹1 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगी वेदांता
वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश में मौजूद खनिज संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। उनके अनुसार, जमीन के नीचे मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग करके देश आयात पर निर्भरता कम कर सकता है।

वेदांता समूह पहले ही ओडिशा में करीब ₹1 लाख करोड़ का निवेश कर चुका है। अब कंपनी रायगडा जिले में एक नई रिफाइनरी और ढेंकनाल जिले में स्मेल्टर संयंत्र स्थापित करने के लिए इतनी ही अतिरिक्त राशि निवेश करने की तैयारी में है।
अग्रवाल ने यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात के बाद दी। कंपनी की ओर से राज्य के पश्चिमी हिस्से में 1,000 बेड का अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
बॉक्साइट खनन के विरोध पर क्या बोले अनिल अग्रवाल?
रायगडा जिले के सिजीमाली में बॉक्साइट खनन को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के सवाल पर अनिल अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं का विरोध होना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि विकसित ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण के लिए सभी पक्षों को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। अग्रवाल ने दावा किया कि करीब दो दशक पहले कुछ विदेशी तत्व स्थानीय लोगों को परियोजनाओं के विरोध के लिए उकसाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां सामान्य हैं और विरोध नहीं हो रहा है।
उन्होंने परियोजनाओं के विकास के साथ स्थानीय लोगों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया।
‘आयात पर निर्भर देश’ की छवि बदलने की जरूरत
अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत को जमीन के नीचे मौजूद खनिज संपदा की खोज और उसके उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक देश के पास पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन हैं और उनका इस्तेमाल करके आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है।
उन्होंने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों ने जमीन के नीचे मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करके विकास किया है। अग्रवाल के मुताबिक भारत को भी अपने खनिज संसाधनों का इस्तेमाल कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
दो लाख से ज्यादा रोजगार का दावा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अनिल अग्रवाल से मुलाकात के बाद कहा कि वेदांता की प्रस्तावित ₹1 लाख करोड़ की एल्युमीनियम परियोजनाओं से दो लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से ओडिशा को विश्वस्तरीय एल्युमीनियम उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
वेदांता की ओडिशा में पहले से मौजूद परियोजनाओं में कालाहांडी जिले के लांजीगढ़ में रिफाइनरी तथा झारसुगुड़ा जिले में स्मेल्टर और बिजली संयंत्र शामिल हैं। नई परियोजनाओं के प्रस्ताव के बाद राज्य में एल्युमीनियम क्षेत्र में कंपनी की गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है।












