असम में एकतरफा प्रेम का खौफनाक अंत: छात्र नेता की हत्या, किशोरी गंभीर घायल; आरोपी को गांव ने भी ठुकराया

असम के नलबाड़ी जिले में एकतरफा प्यार के चलते युवक ने छात्र नेता और उसकी चचेरी बहन पर हमला किया। छात्र नेता की मौत हो गई, जबकि आरोपी एनकाउंटर में मारा गया।

असम के नलबाड़ी में एकतरफा प्यार से जुड़ी सनसनीखेज घटना में छात्र नेता माधुर्य बर्मन की हत्या कर दी गई, जबकि उनकी नाबालिग बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोपी रोज अली पुलिस एनकाउंटर में मारा गया और गांव वालों ने भी उसे ठुकरा दिया।

नलबाड़ी: असम में एकतरफा प्रेम और जुनूनी व्यवहार से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। नलबाड़ी जिले में एक युवक ने कथित तौर पर शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज होकर एक नाबालिग लड़की और उसके चचेरे भाई पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में 19 वर्षीय छात्र नेता की मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन अगले ही दिन पुलिस कार्रवाई के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले ने तब और ध्यान खींचा जब आरोपी के पैतृक गांव और आसपास के कई गांवों के लोगों ने उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया।

घर लौटते समय हुआ हमला

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 31 मई 2026 की शाम नलबाड़ी जिले के गंगापुर क्षेत्र में यह घटना हुई। 19 वर्षीय माधुर्य बर्मन अपनी चचेरी बहन के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। दोनों शहर से किताबें खरीदकर वापस आ रहे थे।

बताया जाता है कि घर से कुछ ही दूरी पर आरोपी आशिक अली उर्फ रोज अली ने उनका रास्ता रोक लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से लड़की का पीछा कर रहा था और उस पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। लड़की द्वारा प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के बाद आरोपी कथित रूप से नाराज था।

प्रत्यक्षदर्शियों और जांच से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने धारदार हथियार से दोनों पर हमला कर दिया।

बहन को बचाने की कोशिश में गई जान

हमले के दौरान माधुर्य बर्मन ने अपनी चचेरी बहन को बचाने का प्रयास किया। बताया जाता है कि उन्होंने खुद को हमलावर और लड़की के बीच खड़ा कर दिया।

इसी दौरान आरोपी ने उन पर कई वार किए। सिर और गर्दन पर गंभीर चोट लगने से माधुर्य घटनास्थल पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों के पहुंचने तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

वहीं किशोरी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी के एक बड़े चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी और वह गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में उपचाराधीन थी।

छात्र संगठन से जुड़े थे माधुर्य बर्मन

मृतक माधुर्य बर्मन क्षेत्र के सक्रिय छात्र नेता माने जाते थे। वे All Assam Students' Union की स्थानीय इकाई से जुड़े हुए थे और संगठन में सहायक महासचिव के पद पर कार्य कर रहे थे।

AASU असम का एक प्रमुख छात्र संगठन है, जो शिक्षा, भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। माधुर्य की मौत के बाद संगठन के सदस्यों और स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।

घटना के विरोध में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर आरोपी की तलाश शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, 1 जून को आरोपी को ब्रह्मपुत्र नदी के एक रेतीले इलाके से हिरासत में लिया गया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कथित तौर पर हथियार बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनने का प्रयास किया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हालांकि इस पूरी घटना की जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

गांव वालों ने अंतिम संस्कार से किया किनारा

घटना के बाद सबसे चर्चित घटनाक्रम आरोपी के पैतृक गांव में देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक रूप से आरोपी के कृत्य की निंदा की और उससे दूरी बना ली।

ग्रामीणों के अनुसार, जिस व्यक्ति के कारण एक परिवार तबाह हुआ और एक युवा छात्र नेता की जान गई, उसे सामाजिक समर्थन नहीं दिया जा सकता।

स्थानीय समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर उसके जनाजे में शामिल न होने और गांव के कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध करने का फैसला किया। यह कदम इलाके में लोगों के गुस्से और घटना के प्रति उनके विरोध को दर्शाता है।

महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एकतरफा प्रेम, पीछा करना (स्टॉकिंग) और अस्वीकृति को स्वीकार न कर पाना कई बार गंभीर अपराधों का रूप ले लेता है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लेना, पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करना और युवाओं में स्वस्थ सामाजिक व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।

समाज के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी भी है। किसी भी व्यक्ति को दूसरे की इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाने या दबाव डालने का अधिकार नहीं है।

एकतरफा प्रेम को हिंसा का कारण बनाना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा है। इस तरह की घटनाएं परिवारों को हमेशा के लिए प्रभावित कर देती हैं और पूरे समुदाय पर गहरा असर छोड़ती हैं।

Leave a comment