नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और सांसद चौधरी मोहम्मद रमज़ान ने सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge के चैंबर में आयोजित INDIA ब्लॉक की बैठक में हिस्सा लिया।
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और सांसद चौधरी मोहम्मद रमज़ान ने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के नेताओं से 5 अगस्त को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किए जाने की योजना है।
नई दिल्ली में आयोजित INDIA ब्लॉक की एक बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने संसद सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। इसी दौरान जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति और राज्य के दर्जे की बहाली का विषय भी सामने आया।
विपक्षी दलों के बीच बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
बैठक में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया और जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक एवं संवैधानिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से सांसद चौधरी मोहम्मद रमज़ान ने सहयोगी दलों से आग्रह किया कि वे जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करें और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन करें।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार की ओर से कई बार यह आश्वासन दिया गया था कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा प्रदान किया जाएगा। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल जनता के बीच अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं।
5 अगस्त को प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य
![]()
5 अगस्त का दिन जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख माना जाता है। इसी दिन केंद्र सरकार ने 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 से जुड़े विशेष प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य का पुनर्गठन करने का निर्णय लागू किया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया।
अब विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य इसी मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना और सरकार पर अपने वादों को पूरा करने के लिए दबाव बनाना बताया जा रहा है।राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, संसद परिसर के निकट शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, जिसमें विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद और नेता शामिल हो सकते हैं।
राज्य का दर्जा बहाली क्यों है महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य का दर्जा किसी भी क्षेत्र को अधिक प्रशासनिक और राजनीतिक अधिकार प्रदान करता है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की शासन व्यवस्था में कई बदलाव हुए हैं। ऐसे में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग स्थानीय राजनीतिक दलों और कई सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार उठाई जाती रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल होने से निर्वाचित सरकार की भूमिका और अधिकारों में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय मुद्दों के समाधान और प्रशासनिक निर्णयों में क्षेत्रीय भागीदारी मजबूत हो सकती है। हालांकि, इस विषय पर केंद्र सरकार का रुख यह रहा है कि राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया उचित समय और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाएगी।
INDIA ब्लॉक ने जताई एकजुटता
बैठक में शामिल विभिन्न विपक्षी दलों ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान क्षेत्र के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। कई नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और संघीय ढांचे की मजबूती को महत्वपूर्ण बताते हुए संवाद और राजनीतिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। विपक्षी गठबंधन के कई नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी सहमति व्यक्त की और प्रस्तावित प्रदर्शन में भाग लेने की इच्छा जताई।










