अयोध्या और चित्रकूट धाम के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज, राम भक्तों के लिए जल्द शुरू होगी हाईस्पीड रेल सेवा

अयोध्या और चित्रकूट धाम के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की तैयारी तेज है। राम भक्तों के लिए जल्द ही हाईस्पीड रेल सेवा शुरू होगी। जानिए अपडेट और रूट विवरण।

भारतीय रेलवे ने रामायण सर्किट के धार्मिक स्थलों के बीच यात्रा को और सहज बनाने के लिए नया कदम उठाया है। अब अयोध्या और चित्रकूट धाम के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। 

बांदा: मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम से जुड़े पवित्र स्थलों के बीच आवागमन को और अधिक सहज और तीव्र बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब चित्रकूट धाम से अयोध्या धाम तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे मुख्यालय से इस नए रूट की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तलब की है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2026 से यह वंदे भारत एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ने लगेगी।

रामायण सर्किट को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में रेलवे पहले ही कई कदम उठा चुका है। आईआरसीटीसी की रामायण यात्रा ट्रेन के साथ-साथ अयोध्या को प्रयागराज, पटना, गोरखपुर, मेरठ और आनंद विहार से वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए जोड़ा जा चुका है। अब इसी श्रृंखला में चित्रकूट धाम को अयोध्या से सीधे जोड़ने की तैयारी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

वंदे भारत ट्रेन से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे मुख्यालय से अयोध्या–चित्रकूट रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तलब की है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जनवरी 2026 तक यह हाईस्पीड ट्रेन पटरी पर दौड़ने लगेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वाराणसी–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ के बाद यह कदम रामायण सर्किट को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

आईआरसीटीसी की रामायण यात्रा ट्रेन पहले से ही अयोध्या को प्रयागराज, पटना, गोरखपुर, मेरठ और आनंद विहार से वंदे भारत ट्रेन के जरिए जोड़ चुकी है। अब इसी श्रृंखला में चित्रकूट धाम को अयोध्या से सीधे जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

साक्षी महाराज ने उठाया मुद्दा

उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अयोध्या–चित्रकूट वंदे भारत सेवा शुरू करने की मांग की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे को अयोध्या–लखनऊ–उन्नाव–कानपुर–हमीरपुर–बांदा-चित्रकूट रूट पर हाईस्पीड ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

लखनऊ मंडल प्रशासन इस महीने के अंत तक इस ट्रेन का रूट, समय-सारणी और अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देने की योजना पर काम कर रहा है। जनवरी में उत्तर रेलवे को नया वंदे भारत रेक मिलते ही ट्रेन संचालन की औपचारिक शुरुआत होने की संभावना है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला ने बताया कि इस ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों को तेज और आरामदायक रेल सेवा मिलेगी। 

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