नई रिसर्च में सामने आया है कि डिजिटल नेटिव्स Gen Z को कंपनियां तेजी से नौकरी से निकाल रही हैं। प्रोफेशनल वर्क एटीक, समय प्रबंधन, टीमवर्क और ऑफिस कल्चर में कमजोर प्रदर्शन मुख्य कारण हैं। हायरिंग मैनेजर्स का मानना है कि Gen Z डिजिटल तो स्मार्ट है, लेकिन रियल वर्ल्ड वर्क चुनौतियों को अपनाने में धीमी है।
Career Alert: नई स्टडी में पता चला है कि Gen Z कर्मचारियों को कंपनियां सबसे जल्दी नौकरी से निकाल रही हैं। सितंबर 2025 में Intelligent.com द्वारा 1000 हायरिंग मैनेजर्स पर किए गए सर्वे के अनुसार, 60% मैनेजर्स ने Gen Z कर्मचारियों को जल्दी हटाया, जबकि 6 में से 1 ने उन्हें नौकरी पर रखना ही नहीं चाहा। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि समय पर काम पूरा न करना, टीमवर्क में कमी और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन में कमजोर प्रदर्शन प्रमुख कारण हैं। यह सर्वे कंपनियों और Gen Z के लिए एक चेतावनी भी है।
Gen Z को नौकरी से जल्दी निकाला जा रहा
नई रिसर्च में पता चला है कि डिजिटल नेटिव्स यानी Gen Z कर्मचारियों को कंपनियां सबसे ज्यादा और जल्दी नौकरी से निकाल रही हैं। 1997 से 2012 के बीच जन्मी यह पीढ़ी तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया में माहिर मानी जाती है, लेकिन प्रोफेशनल वर्क एटीक और ऑफिस कल्चर में इन्हें चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। Intelligent.com के सितंबर 2025 सर्वे में 1000 हायरिंग मैनेजर्स का कहना था कि 60% Gen Z कर्मचारियों को जल्दी नौकरी से हटाया गया, जबकि 6 में से 1 मैनेजर ने स्पष्ट किया कि वह उन्हें नौकरी पर रखना ही नहीं चाहता।

क्यों Gen Z कर्मचारियों पर कंपनियों की नाराजगी
सर्वे में हायरिंग मैनेजर्स ने बताया कि Gen Z के कर्मचारी समय पर काम पूरा नहीं करते, टीमवर्क में कमी दिखाते और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन में कमजोर हैं। 38% मैनेजर्स ने कहा कि ये कर्मचारी समय पर फीडबैक नहीं देते। 20% ने बताया कि काम शुरू करने में देरी होती है और बार-बार याद दिलाना पड़ता है। कुल मिलाकर, 46% ने प्रोफेशनलिज्म की कमी को मुख्य कारण बताया, जिसमें जिम्मेदारी न लेना, बार-बार छुट्टी लेना और ऑफिस कल्चर को अपनाने में परेशानी शामिल है।
डिजिटल स्मार्ट, लेकिन बदलाव अपनाने में धीमे
सर्वे में यह भी सामने आया कि Gen Z नई चीजें सीखने में उतनी तेजी नहीं दिखाती। 500 से ज्यादा मैनेजर्स का मानना है कि डिजिटल कौशल होने के बावजूद मैदान में काम करने की चुनौती इनकी बड़ी समस्या है। अप्रैल 2025 में ResumeBuilder.com का सर्वे भी यही पुष्टि करता है, जिसमें 74% मैनेजर्स ने कहा कि Gen Z के साथ काम करना मुश्किल है, जबकि अपनी ही पीढ़ी के साथ सहयोग आसान रहता है।
यह सर्वे कंपनियों और युवा कर्मचारियों दोनों के लिए चेतावनी है। Gen Z को अपने प्रोफेशनल स्किल्स, टाइम मैनेजमेंट और ऑफिस कल्चर के अनुरूप बदलाव लाने की जरूरत है। वहीं, कंपनियों को भी नई पीढ़ी के डिजिटल कौशल और अलग कार्य शैली को समझते हुए ट्रेनिंग और मेंटरशिप पर ध्यान देना होगा।










