भारत-अमेरिका संबंध: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतों के सम्मेलन की अध्यक्षता की

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। जानिए इस बैठक का उद्देश्य और भारत-अमेरिका संबंधों पर असर।

अमेरिका के साथ व्यापार और टैरिफ को लेकर जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। 

न्यूयॉर्क: अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतों के साथ एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया। इस दौरान जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों को मिलने वाले समर्थन की समीक्षा भी की।

जयशंकर का प्रमुख संदेश

विदेश मंत्री जयशंकर ने सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “हमारे द्विपक्षीय संबंधों और प्रवासी भारतीयों से संबंधी गतिविधियों के लिए समर्थन की समीक्षा की। भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने के लिए हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावासों की प्रतिबद्धता एवं प्रयासों की सराहना करता हूं।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शामिल सभी दूत और अधिकारी भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। जयशंकर ने यह भी रेखांकित किया कि द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संपर्कों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।

सम्मेलन में कौन-कौन शामिल थे

जयशंकर ने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में आयोजित सम्मेलन में अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा, वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास के मिशन उप प्रमुख नामग्या खम्पा और अटलांटा, बोस्टन, शिकागो, ह्यूस्टन, लॉस एंजेलिस, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल स्थित वाणिज्य दूतावासों के सभी प्रमुखों के साथ बातचीत की।

न्यूयॉर्क स्थित महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “जयशंकर का स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात थी। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व ने भारत-अमेरिका साझेदारी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ बैठक

जयशंकर ने सम्मेलन से एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की थी। इस अवसर पर भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश, उप-स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल और स्थायी मिशन के अधिकारी भी मौजूद थे। जयशंकर ने कहा, “गुतारेस के दृष्टिकोण और बहुपक्षवाद पर उनके आकलन की सराहना करता हूं। भारत के विकास और वैश्विक मंच पर उन्नति के लिए उनके स्पष्ट एवं निरंतर समर्थन के लिए आभारी हूं। हम उम्मीद करते हैं कि वह जल्द ही भारत का दौरा करेंगे।”

न्यूयॉर्क से पहले जयशंकर कनाडा में जी-7 समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल हुए थे। वहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित अन्य वैश्विक समकक्षों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

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