रामनगरी में सफाई व्यवस्था पर हल्लाबोल, नगर निगम कार्यालय पर पार्षदों का धरना; फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

अयोध्या में खराब सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर कार्रवाई की मांग की।
रामनगरी में सफाई व्यवस्था पर हल्लाबोल, नगर निगम कार्यालय पर पार्षदों का धरना; फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
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अयोध्या में सफाई व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। शहर में लगातार मिल रही गंदगी और सफाई संबंधी शिकायतों के विरोध में पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने सफाई कार्य का जिम्मा संभाल रही फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई और उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।

धरने में शामिल पार्षदों का आरोप था कि शहर के कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो रही है। कूड़े के ढेर, जाम नालियां और सड़कों पर फैली गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि संबंधित फर्म अनुबंध की शर्तों के अनुरूप काम नहीं कर रही है। सफाई कर्मचारियों की संख्या कम होने, समय पर कूड़ा उठान नहीं होने और निगरानी व्यवस्था कमजोर रहने के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन नगरी होने के कारण अयोध्या में साफ-सफाई का स्तर बेहतर होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं।

धरने के दौरान पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सफाई व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही जिस फर्म पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, उसे ब्लैकलिस्ट कर नई व्यवस्था लागू की जाए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।

अयोध्या नगर निगम के अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे पार्षदों से बातचीत की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। अधिकारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने यह भी कहा कि अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर की स्वच्छता व्यवस्था खराब होने से नगर की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने भी पार्षदों की मांग का समर्थन किया। उनका कहना है कि कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ रही है। बरसात के मौसम में यह स्थिति स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी पैदा कर सकती है।

फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने मामले की समीक्षा शुरू कर दी है। पार्षदों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और संबंधित फर्म के कार्यों का मूल्यांकन किए जाने की बात कही जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन सफाई व्यवस्था को सुधारने और जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई करने के लिए क्या कदम उठाता है।

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