सूर्या हत्याकांड को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संदेश दिया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने परिवारों से भी अपने बच्चों को सही दिशा देने की अपील करते हुए कहा कि "नालायक औलादों को समझा लो", क्योंकि अपराध की राह अंततः विनाश की ओर ले जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोस्ती की आड़ में की जाने वाली हिंसा और छुरेबाजी जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे अपराध न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक विश्वास और आपसी सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सामने खर-दूषण जैसे तत्व हों तो केवल उपदेश पर्याप्त नहीं होता, बल्कि समाज और कानून की रक्षा के लिए शस्त्र भी उठाने पड़ते हैं। उनके इस बयान को अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानूनी दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून का राज कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सूर्या हत्याकांड के बाद प्रदेश में इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों की ओर से भी घटना पर प्रतिक्रिया सामने आ रही है। मुख्यमंत्री के बयान











