अयोध्या में बम बनाने से जुड़ी सामग्री लिखी एक पर्ची मिलने के बाद पकड़े गए छात्र को पुलिस ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया। पुलिस के मुताबिक छात्र से पूछताछ की गई और मामले की जांच की गई, लेकिन ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं मिला, जिससे उसके खिलाफ आगे कार्रवाई की जा सके। पूछताछ पूरी होने के बाद छात्र को उसके एक परिचित के सुपुर्द कर दिया गया।
बताया गया कि छात्र के पास से ऐसी पर्ची मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, जिस पर बम बनाने से जुड़ी जानकारी लिखी हुई थी। पर्ची सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और छात्र को रोककर पूछताछ शुरू की।
पुलिस ने छात्र से पर्ची के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। उससे यह जानने की कोशिश की गई कि पर्ची उसके पास कहां से आई, इसे किसने लिखा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। छात्र से उसके संपर्कों और गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली गई।
जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल की। हालांकि पूछताछ और जांच के बाद पुलिस को छात्र के खिलाफ कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल था। इसके बाद पुलिस ने उसे रिहा करने का निर्णय लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले में छात्र के खिलाफ कोई ठोस आपराधिक कड़ी सामने नहीं आई है। इसी आधार पर पूछताछ के बाद उसे उसके परिचित को सौंप दिया गया।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए चर्चा का माहौल रहा। बम बनाने से जुड़ी पर्ची मिलने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में भी चिंता पैदा हुई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्र से पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की।
पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना था कि पर्ची छात्र के पास कैसे पहुंची। इसके अलावा पुलिस यह भी जानना चाहती थी कि छात्र का किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क तो नहीं है, जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो। पूछताछ के दौरान छात्र से इन सभी बिंदुओं पर जानकारी ली गई।
पुलिस ने छात्र की बातों और उपलब्ध जानकारी का मिलान किया। जांच में जब कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई जरूरी हो, तो उसे हिरासत में रखने का कोई आधार नहीं बचा। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
हालांकि पुलिस की ओर से मामले को लेकर पूरी तरह लापरवाही नहीं बरती गई है। अधिकारियों ने बताया कि पर्ची मिलने के बाद आवश्यक पूछताछ और जांच की गई। सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले में पुलिस तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई करती है।
छात्र को परिचित के सुपुर्द किए जाने के बाद मामला फिलहाल शांत हो गया है। पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के कारण छात्र को रिहा किया गया है।
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया कि छात्र के पास बम बनाने से जुड़ी जानकारी वाली पर्ची आखिर कहां से आई। हालांकि पुलिस जांच में अभी तक इसका कोई आपराधिक कनेक्शन सामने नहीं आया है। यदि आगे जांच में कोई नया तथ्य मिलता है तो पुलिस उसके आधार पर कार्रवाई कर सकती है।
स्थानीय स्तर पर भी पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर जानकारी जुटा सकती है। छात्र के परिचितों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जरूरत पड़ने पर पूछताछ की जा सकती है, ताकि पर्ची की वास्तविक उत्पत्ति का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच में कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे छात्र को किसी आपराधिक गतिविधि से जोड़कर देखा जा सके। इसी वजह से पूछताछ के बाद उसे उसके परिचित के साथ भेज दिया गया।
घटना में छात्र की गिरफ्तारी के बजाय पूछताछ के बाद रिहाई की गई है। पुलिस ने यह कदम जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उठाया।
बम बनाने वाली पर्ची मिलने के बाद हिरासत में लिया गया छात्र अब रिहा हो चुका है। अयोध्या पुलिस के अनुसार पूछताछ और जांच में उसके खिलाफ कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद छात्र को उसके परिचित के सुपुर्द कर दिया गया