UP Monsoon Session LIVE: केशव बोले 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली', सपा नेताओं का पलटवार- 'आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले'

UP विधानसभा के मानसून सत्र में केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर सपा नेताओं ने पलटवार किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला।
UP Monsoon Session LIVE: केशव बोले 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली', सपा नेताओं का पलटवार- 'आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले'
Photo Credit / Attribution: Google

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' वाले बयान पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी पलटवार किया। सपा नेताओं ने जवाब देते हुए कहा कि 'आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले।' दोनों पक्षों की बयानबाजी के बीच सदन का माहौल काफी गरम रहा।

मानसून सत्र के दौरान अलग-अलग मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पुरानी कहावत का इस्तेमाल किया। उन्होंने विपक्ष की नीतियों और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली'।

केशव के इस बयान के बाद सपा नेताओं ने भी तीखा जवाब दिया। विपक्ष की ओर से पलटवार करते हुए कहा गया कि 'आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले।' इस टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया।

मानसून सत्र में पहले से ही कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। कानून-व्यवस्था, विकास कार्य, महंगाई, किसानों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। वहीं सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए अपनी उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं।

सदन में चर्चा के दौरान नेताओं के बीच तीखी टिप्पणियों का दौर भी देखने को मिला। दोनों पक्षों के सदस्य अपने-अपने मुद्दे मजबूती से रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल में केशव प्रसाद मौर्य और सपा नेताओं की यह बयानबाजी चर्चा में आ गई।

सपा नेताओं ने अपने जवाब में चढ़ावे से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया। हाल के दिनों में मंदिर में चढ़ावे और उससे जुड़े कथित विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है। विपक्ष ने इसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष पर निशाना साधने की कोशिश की।

सत्ता पक्ष की ओर से भी विपक्ष पर पुराने मामलों और उसके शासनकाल को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच इसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगातार देखने को मिल रहे हैं।

विधानसभा के बाहर भी सपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर प्रदर्शन और नारेबाजी की। विपक्ष का कहना है कि सरकार को जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। वहीं भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष राजनीतिक मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

मानसून सत्र को लेकर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात है और आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है।

सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच कई मुद्दों पर बहस हुई। हालांकि नेताओं की व्यक्तिगत टिप्पणियों के कारण कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी को लेकर सपा नेताओं ने जिस तरह जवाब दिया, उसके बाद सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है। राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष को सही बताते हुए इस टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

मानसून सत्र में सरकार की ओर से प्रदेश के विकास, कानून-व्यवस्था और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी जानकारी सदन में रखी जा रही है। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछ रहा है और कई मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

सपा नेताओं का कहना है कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा का मंच है और सरकार को गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है और विपक्ष को तथ्यात्मक चर्चा करनी चाहिए।

इस बीच '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' और उसके जवाब में 'चढ़ावा चोरी करके हज को चले' वाली टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों ने सदन की बहस को और तीखा कर दिया।

UP विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को राजनीतिक बयानबाजी का यह दौर काफी चर्चा में रहा। केशव प्रसाद मौर्य के तंज पर सपा नेताओं ने चढ़ावा चोरी के आरोप का हवाला देते हुए पलटवार किया। अब आगे की कार्यवाही में सरकार और विपक्ष के बीच किन मुद्दों पर बहस होती है, इस पर सभी की नजर है।

Leave a comment