Ayushman Bharat 8 Years: 60 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचा स्वास्थ्य कवरेज, जानें योजना की बड़ी उपलब्धियां

Ayushman Bharat 8 Years: आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे हो गए हैं। 60 करोड़ से ज्यादा लोगों को ₹5 लाख तक का सालाना स्वास्थ्य कवर मिला है, जबकि 13.25 करोड़

आयुष्मान भारत योजना के बुधवार को आठ साल पूरे हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योजना के तहत देश के करीब 60 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज मिल रहा है।

Ayushman Bharat: भारत की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत ने 23 सितंबर 2026 को अपने आठ वर्ष पूरे कर लिए। 2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने वाले इलाज के लिए वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल उपचार कवरेज दिया जाता है।

आठवीं वर्षगांठ के मौके पर सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 तक 48.51 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके थे। वहीं 31 अगस्त तक योजना के तहत करीब 13.25 करोड़ अस्पताल में भर्ती मामलों को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल उपचार राशि 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। इस योजना से जुड़े सरकारी और निजी अस्पतालों की संख्या 38,000 से ज्यादा है।

आयुष्मान भारत योजना क्या है?

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को 23 सितंबर 2018 को शुरू किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने वाले उपचार के दौरान होने वाले खर्च से वित्तीय सुरक्षा देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। 

इसमें सेकेंडरी और टर्शियरी अस्पताल उपचार को शामिल किया गया है। लाभार्थी देशभर में योजना से जुड़े अस्पतालों में उपचार की सुविधा ले सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के अस्पताल उपचार को कवर किया जा चुका है।

48 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी

Ayushman Bharat 8 Years: 60 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचा स्वास्थ्य कवरेज, जानें योजना की बड़ी उपलब्धियां

आयुष्मान भारत की आठवीं वर्षगांठ पर जारी सरकारी जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके थे। यह संख्या भारत की बड़ी आबादी तक योजना की पहुंच को दर्शाती है। इसके अलावा, 31 अगस्त 2026 तक 13.25 करोड़ अस्पताल भर्ती मामलों के लिए योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इन उपचारों की कुल स्वीकृत राशि 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

38 हजार से ज्यादा अस्पताल योजना से जुड़े

योजना की पहुंच केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल AB PM-JAY के नेटवर्क में शामिल हैं। इससे लाभार्थियों को अपने स्थान के आसपास उपलब्ध सूचीबद्ध अस्पताल में उपचार लेने का विकल्प मिलता है। आयुष्मान भारत के व्यापक ढांचे में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए PM-ABHIM जैसी पहल भी शामिल हैं।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भी बढ़ी भूमिका

आयुष्मान भारत केवल अस्पताल में भर्ती होने के उपचार तक सीमित नहीं है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है। अगस्त 2026 तक देशभर में 1.86 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित होने की जानकारी दी गई थी। इन केंद्रों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्क्रीनिंग और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन केंद्रों पर अब तक 540 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज होने की जानकारी भी सरकारी आंकड़ों में दी गई है।

Leave a comment