यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद रूस के साथ ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के किसी भी प्रारूप के युद्धविराम के लिए तैयारी जताई। उन्होंने पुतिन के साथ ट्रंप की मौजूदगी में त्रिपक्षीय वार्ता की इच्छा भी दोहराई।
न्यूयोर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद कहा कि कीव रूस के साथ ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकने के लिए किसी भी तरह के एनर्जी सीजफायर पर बातचीत को तैयार है। दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में करीब 40 मिनट तक बैठक हुई। जेलेंस्की के मुताबिक, बैठक में रूस के साथ करीब चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों और ऊर्जा से जुड़े लक्ष्यों पर संभावित द्विपक्षीय युद्धविराम पर चर्चा हुई। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले एकतरफा रोकने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की चर्चा
जेलेंस्की ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यूक्रेन रूस के साथ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हमलों पर किसी भी प्रारूप में युद्धविराम के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच हवाई हमले और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं जारी हैं।
अमेरिका ने पिछले सप्ताह रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा से जुड़े लक्ष्यों पर हमले नहीं करने की घोषणा की थी। लेकिन अगले ही दिन कीव में रूस की ओर से पेट्रोल स्टेशनों पर हमले की खबर सामने आई, जबकि यूक्रेन ने एक रूसी तेल रिफाइनरी पर हमला किया। इसके बाद प्रस्तावित ट्रूस का स्वरूप कमजोर पड़ गया।
इस घटनाक्रम के बीच जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सीजफायर के लिए तैयार है। हालांकि, उपलब्ध स्रोत में रूस की ओर से इस प्रस्ताव पर तत्काल प्रतिक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है।
ट्रंप ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों का मुद्दा उठाया
जेलेंस्की से मुलाकात से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि वह यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों पर चर्चा करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि इन हमलों का रूस पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इससे डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने युद्ध समाप्त करने के संभावित समाधानों पर चर्चा की बात भी कही।
स्रोत के अनुसार, ट्रंप ने हाल के दिनों में रूस की ईंधन-प्रसंस्करण क्षमता को हुए नुकसान पर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, इससे वैश्विक स्तर पर डीजल की कीमतों पर दबाव पड़ रहा था। यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका में ईंधन की कीमतों को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
जेलेंस्की-पुतिन-ट्रंप त्रिपक्षीय बैठक की पेशकश
जेलेंस्की ने यह भी दोहराया कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की मौजूदगी में त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका रूस को फिर से बातचीत की मेज पर लाने का कोई रास्ता खोज सकेगा। इससे पहले हुई वार्ताएं इस साल की शुरुआत में आगे नहीं बढ़ सकी थीं।
जेलेंस्की ने कहा कि वह त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार हैं और इसे युद्ध समाप्त करने की दिशा में अपनी सहमति के तौर पर बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं दिखा है कि पुतिन बातचीत के लिए तैयार हैं।
इससे संकेत मिलता है कि कीव की ओर से बातचीत के लिए सार्वजनिक रूप से तैयारी जताई जा रही है, लेकिन संभावित त्रिपक्षीय बैठक की राह अभी स्पष्ट नहीं है।
ऊर्जा युद्धविराम पर पहले भी बनी थी सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा से जुड़े लक्ष्यों पर हमले नहीं करने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, इसके तुरंत बाद दोनों पक्षों के हमलों ने इस व्यवस्था की व्यावहारिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए।
स्रोत के अनुसार, रूस ने अगले दिन कीव में पेट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाया और यूक्रेन ने एक रूसी तेल रिफाइनरी पर बमबारी की। इसके बाद प्रस्तावित ऊर्जा ट्रूस का प्रभाव कमजोर पड़ता दिखाई दिया।
यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच किसी भी सीमित युद्धविराम को लागू करने और बनाए रखने की चुनौती को दर्शाता है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में इन हमलों के लिए दोनों पक्षों द्वारा दिए गए विस्तृत औचित्य का उल्लेख नहीं है।
ब्रिटेन से भी ऊर्जा सीजफायर के लिए समर्थन
जेलेंस्की ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से भी मुलाकात की। बर्नहैम ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से यूक्रेन और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम के लिए दबाव बनाने की अपील की।
उन्होंने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी आश्वासन दिया।
इस तरह ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने का मुद्दा यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों के साथ उसकी कूटनीतिक बातचीत का भी हिस्सा बना हुआ है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़े हवाई हमले
हाल के हफ्तों में रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमलों में तेजी आई है। इन हमलों का असर बंदरगाहों, गोदामों, जहाजों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर पड़ा है।
स्रोत के अनुसार, इन हमलों ने काला सागर से होने वाले अनाज निर्यात को भी प्रभावित किया है। ऐसे में ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की संभावित व्यवस्था युद्ध के मानवीय और आर्थिक प्रभाव को सीमित करने से जुड़ी व्यापक कोशिशों का हिस्सा बन सकती है।
हालांकि, उपलब्ध स्रोत में किसी व्यापक युद्धविराम की समयसीमा या ऐसी व्यवस्था को लागू करने की विस्तृत शर्तें नहीं बताई गई हैं।
सर्दियों से पहले यूक्रेन को मिसाइल रक्षा की चिंता
यूक्रेन में इस बात की चिंता बनी हुई है कि सर्दियों के दौरान रूस देश के बिजली और हीटिंग से जुड़े ढांचे को फिर से निशाना बना सकता है।
जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने ट्रंप के साथ सर्दियों की तैयारियों पर भी चर्चा की और अमेरिका से पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति के लिए एक पैकेज का अनुरोध किया।
यूक्रेन के अनुसार, पैट्रियट सिस्टम रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में उसकी मौजूदा रक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
पैट्रियट मिसाइलों के बदले भविष्य की आपूर्ति का प्रस्ताव
जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन ने अमेरिका के मौजूदा भंडार से इस सर्दी में पैट्रियट इंटरसेप्टर हासिल करने के बदले भविष्य में जर्मनी से मिलने वाले इंटरसेप्टर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है।
स्रोत के अनुसार, जर्मनी ने 2027 और 2028 में यूक्रेन को 600 पैट्रियट इंटरसेप्टर उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है, लेकिन ट्रंप ने अभी इसे मंजूरी भी नहीं दी है।
यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइलों का लाइसेंस प्राप्त उत्पादन शुरू करने को लेकर भी बातचीत जारी है। जेलेंस्की के अनुसार, उनकी टीम के एक सदस्य की अमेरिकी कंपनी रेथियॉन के साथ सकारात्मक बैठक हुई है।
युद्ध समाप्त करने की कोशिशों के बीच अगला कदम
जेलेंस्की और ट्रंप की न्यूयॉर्क बैठक ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं।
ऊर्जा ठिकानों पर सीमित युद्धविराम का प्रस्ताव दोनों पक्षों के बीच व्यापक युद्धविराम की दिशा में एक संभावित अलग मुद्दा है, लेकिन पिछले सप्ताह की घटनाओं ने इसे लागू करने की मुश्किलें भी सामने रखी हैं।
जेलेंस्की ने ऊर्जा क्षेत्र में सीजफायर के लिए यूक्रेन की तैयारी दोहराई है और रूस के साथ संभावित त्रिपक्षीय बैठक के लिए भी अपनी सहमति जताई है। दूसरी ओर, उन्होंने कहा कि उन्हें अभी पुतिन की बातचीत की तैयारी का कोई संकेत नहीं मिला है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया अमेरिकी, यूक्रेनी और रूसी पक्षों के बीच अगले कूटनीतिक कदमों पर निर्भर करेगी।











