उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है। कई दिनों की सर्च के बाद अब गोई स्थित प्राकृतिक झील में जल पुलिस की विशेष डीप डाइविंग टीम सुराग तलाशने के लिए अभियान चलाएगी।
उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान लापता हुई बबीता पांडे की खोज के लिए प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। कई इलाकों में व्यापक तलाशी के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर अब गोई क्षेत्र की प्राकृतिक झील में विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
जंगल और ट्रेकिंग मार्गों पर लगातार चल रही तलाश
उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता हुई बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है। कई दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद अभी तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। बबीता पांडे नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव की रहने वाली हैं और अपने दो साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि ट्रेक के दौरान गोई पड़ाव से वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं, जिसके बाद से उनकी खोज के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया।
करीब 150 सदस्यीय राहत एवं बचाव दल पिछले कई दिनों से गोई और उसके आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चला रहा है। टीमों ने घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों, झाड़ियों और ट्रेकिंग रूट के आसपास के इलाकों में खोजबीन की है। बचाव दल ने गोई क्षेत्र से कई किलोमीटर के दायरे तक तलाशी ली, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिलने से प्रशासन अब अन्य संभावित स्थानों पर भी फोकस कर रहा है।
गोई की प्राकृतिक झील पर केंद्रित हुआ अभियान
जांच और खोज अभियान के दौरान अधिकारियों का ध्यान अब गोई क्षेत्र में स्थित एक प्राकृतिक झील की ओर गया है। यह झील गोई की छानियों से कुछ दूरी पर स्थित है और प्रशासन को उम्मीद है कि यहां से मामले से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। इसी संभावना को देखते हुए जल पुलिस की विशेष डीप डाइविंग टीम को उत्तरकाशी बुलाया गया है।
मंगलवार देर शाम पहुंची इस टीम में छह प्रशिक्षित गोताखोर शामिल हैं। गोताखोर झील के भीतर गहराई तक जाकर तलाशी अभियान चलाएंगे। जल पुलिस की यह टीम विशेष रूप से ऐसे मामलों में खोजबीन के लिए प्रशिक्षित है, जहां पानी के भीतर साक्ष्य या व्यक्ति की तलाश करनी होती है। प्रशासन का मानना है कि झील की बारीकी से जांच करने पर मामले की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
प्रशासन को सुराग मिलने की उम्मीद
स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की जांच कर रही हैं। खोज अभियान में आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की मदद भी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिलती, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
बबीता पांडे के लापता होने की घटना ने उनके परिवार और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। परिवार लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए है। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए खोज अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। अब सबकी निगाहें गोई की झील में होने वाली तलाशी पर टिकी हैं, क्योंकि अधिकारियों को उम्मीद है कि यहां से कोई अहम सुराग मिल सकता है, जो बबीता पांडे की तलाश में मददगार साबित होगा।












