भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को मिली नई मजबूती, माशातिले बोले- भारत सबसे भरोसेमंद साझेदार

भारत और दक्षिण अफ्रीका के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति पॉल माशातिले ने भारत को अपना सबसे भरोसेमंद साझेदार बताया। व्यापार, निवेश,

भारत–दक्षिण अफ्रीका उच्च स्तरीय बैठक के तहत मंगलवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने को लेकर अहम चर्चा हुई। दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति पॉलस माशातिले ने इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की।

नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति Paul Mashatile ने भारत का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री S. Jaishankar और भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया।

माशातिले ने भारत को दक्षिण अफ्रीका का “सबसे भरोसेमंद साझेदार” बताते हुए कहा कि यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत और समावेशी आर्थिक ढांचे के निर्माण की दिशा में काम कर रही है।

भारत-दक्षिण अफ्रीका साझेदारी का ऐतिहासिक आधार

उपराष्ट्रपति माशातिले ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध ऐतिहासिक संघर्ष, उपनिवेशवाद के खिलाफ साझा लड़ाई और समान सामाजिक चुनौतियों पर आधारित हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका में बिताए समय का उल्लेख करते हुए कहा कि उस अनुभव ने दोनों देशों के रिश्तों को गहराई दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश आज भी गरीबी, बेरोजगारी और असमानता जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

व्यापार से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी

नई दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि साझेदारी को केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे व्यापक आर्थिक सहयोग में बदला जाएगा। चर्चा के प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे:

  • व्यापार और निवेश
  • डिजिटल टेक्नोलॉजी
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME)
  • इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
  • स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स

माशातिले ने कहा कि भारत डिजिटल इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है, जबकि दक्षिण अफ्रीका के पास खनन, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं।

वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक को “रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण” बताते हुए कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करेंगे। दोनों देशों ने बहुपक्षीय संस्थाओं और वैश्विक आर्थिक मंचों पर साझा हितों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करना और वैश्विक दक्षिण (Global South) के हितों को बढ़ावा देना शामिल है।

बैठक में विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को लेकर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने माना कि इस क्षेत्र में साझेदारी से रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

माशातिले ने कहा कि भारत का MSME मॉडल दक्षिण अफ्रीका के लिए एक उपयोगी उदाहरण है, जिसे वहां अपनाकर स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

दिल्ली हाट दौरा: भारतीय संस्कृति की झलक

अपने भारत दौरे के दौरान माशातिले ने दिल्ली हाट का भी दौरा किया, जहां उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता और कारीगरी आधारित अर्थव्यवस्था को करीब से देखा। उनके साथ दक्षिण अफ्रीका की लघु उद्योग मंत्री Stella Tembisa Ndabeni-Abrahams भी मौजूद थीं। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थानीय उद्यमिता और सांस्कृतिक पहचान का उत्कृष्ट उदाहरण है।

माशातिले का यह दौरा 29 मई से 3 जून तक निर्धारित है। इस दौरान वे भारत के राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति देना और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक अवसरों को बढ़ाना है।

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