बांग्लादेश: उस्मान हादी हत्याकांड को लेकर ढाका में प्रदर्शन, झड़प में 50 लोग घायल

उस्मान हादी हत्याकांड को लेकर ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में करीब 50 लोग घायल हो गए। जानिए मामला

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के शाहबाग इलाके में शुक्रवार शाम को पुलिस और इंकलाब मंच के कार्यकर्ताओं के बीच एक बार फिर झड़पें हुईं, जब प्रदर्शनकारी मारे गए छात्र नेता उस्मान हादी के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।

ढाका: बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या के मामले को लेकर राजधानी ढाका में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। इंकलाब मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के आवास के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें लगभग 40 से 50 लोग घायल हो गए।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन शाहबाग इलाके में शुक्रवार शाम को हुआ। प्रदर्शनकारियों ने उस्मान हादी की हत्या के खिलाफ न्याय की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में स्वतंत्र जांच की भी मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव शाम लगभग 7:50 बजे शुरू हुआ, जब पुलिस ने शाहबाग चौराहे से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। दोपहर से ही तनाव का माहौल था क्योंकि प्रदर्शनकारी उस्मान हादी के हत्यारों को न्याय दिलाने और हत्याकांड की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे थे।झड़पों के बाद पुलिस ने घायल प्रदर्शनकारियों को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। रिपोर्ट के अनुसार, इन झड़पों में ढाका-18 के निर्दलीय उम्मीदवार मोहिउद्दीन रोनी भी घायल हुए।

उस्मान हादी कौन थे?

उस्मान हादी बांग्लादेश के प्रमुख छात्र नेता और 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के सक्रिय कार्यकर्ता थे। जुलाई 2024 में हुए विरोध प्रदर्शन के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार संकट में आ गई थी और उन्हें भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उस्मान हादी 12 फरवरी 2026 को होने वाले संसदीय चुनावों में उम्मीदवार भी थे। 

हालांकि, 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर संधिकालीन गोलीबारी हुई, जिससे उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी हत्या ने बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा दिया।

अंतरिम सरकार का रुख

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं, ने हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि सरकार जांच की पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस मामले को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) को सौंपने पर विचार कर रही है।

यूनुस के कार्यालय ने बयान में कहा कि अंतरिम सरकार UN जांच के कानूनी पहलुओं की गहन समीक्षा कर रही है और 8 फरवरी को संबंधित UN एजेंसी को औपचारिक पत्र भेजे जाने की योजना है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश में न्याय और पारदर्शिता की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के रूप में देखा जा रहा है।

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