बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पाने और घर की छत पर सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने के लिए बिहार में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने का अभियान तेज हो गया है। भागलपुर जिले में भी इस योजना के तहत बड़ी संख्या में उपभोक्ता जुड़ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 1193 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं और उन्हें बिजली ग्रिड से जोड़ा जा चुका है। जिले के लिए 15 हजार घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सिर्फ केंद्र सरकार की सब्सिडी ही नहीं मिलेगी, बल्कि बिहार सरकार की ओर से भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जा रही है। यानी सोलर सिस्टम लगवाने वाले परिवारों को दो स्तर पर सरकारी सहायता का लाभ मिल सकता है। तीन किलोवाट तक का सिस्टम लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त सहायता अधिकतम 98 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।
दरअसल, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देशभर में अधिक से अधिक घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है, ताकि परिवार अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा स्वयं सौर ऊर्जा से पूरा कर सकें। बिहार में राज्य सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया है। इससे पात्र उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलेगी।
सब्सिडी की बात करें तो 1 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से 30 हजार रुपये तक की सहायता और बिहार सरकार की ओर से 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलाकर कुल 40 हजार रुपये का अनुदान मिल सकता है। वहीं 2 किलोवाट सिस्टम के लिए केंद्र की ओर से 60 हजार रुपये और राज्य की ओर से 20 हजार रुपये की सहायता मिलाकर कुल 80 हजार रुपये तक का लाभ बताया गया है। 3 किलोवाट सिस्टम पर केंद्र सरकार की अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी और बिहार सरकार की 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलाकर कुल राशि 98 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक को सीधे 98 हजार रुपये नकद मिलेंगे। सब्सिडी सिस्टम की क्षमता, पात्रता और योजना के नियमों के अनुसार निर्धारित होगी। 98 हजार रुपये की अधिकतम सहायता 3 किलोवाट क्षमता वाले पात्र रूफटॉप सोलर सिस्टम के मामले में बताई गई है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी बिजली खपत, उपलब्ध छत की जगह और योजना के तहत लागू शर्तों को समझना जरूरी है।
भागलपुर में योजना की प्रगति भी सामने आई है। जिले में 15 हजार घरों को सोलर रूफटॉप से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अब तक 2512 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इनमें 2149 उपभोक्ताओं ने अपनी पसंद के वेंडर का चयन कर लिया है, जबकि 1193 घरों में सोलर सिस्टम स्थापित कर उन्हें ग्रिड से जोड़ा जा चुका है।
बिहार सरकार की ओर से हाल में 25 हजार चयनित लाभार्थियों के खातों में अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। राज्यस्तरीय कार्यक्रम पटना से आयोजित किया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अलग-अलग जिलों को जोड़ा गया। भागलपुर से भी जिलास्तरीय अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आवेदक के नाम पर वैध घरेलू बिजली कनेक्शन हो। घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त और अपेक्षाकृत छाया-मुक्त जगह भी होनी चाहिए। योजना के नियमों के अनुसार आवेदक को पात्र घरेलू उपभोक्ता होना जरूरी है और पहले किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सोलर सब्सिडी का लाभ लिया गया हो तो पात्रता प्रभावित हो सकती है। आवेदन से पहले संबंधित डिस्कॉम के नियमों की जांच करना जरूरी है।
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक उपभोक्ता पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान राज्य, बिजली वितरण कंपनी और उपभोक्ता खाता संख्या जैसी जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद संबंधित बिजली वितरण कंपनी की ओर से तकनीकी व्यवहार्यता की प्रक्रिया पूरी होती है। स्वीकृति मिलने के बाद उपभोक्ता पोर्टल पर सूचीबद्ध पंजीकृत वेंडर का चयन करके अपने घर पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा सकता है।
सोलर सिस्टम लगने के बाद नेट मीटरिंग की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है। सिस्टम की स्थापना और आवश्यक जांच पूरी होने के बाद नेट मीटर लगाया जाता है। इसके बाद योजना के तहत जरूरी दस्तावेज और बैंक संबंधी विवरण पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं। सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
आवेदन करने से पहले उपभोक्ताओं को किसी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट को पैसे देने से बचना चाहिए। वेंडर का चयन आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध सूची के अनुसार करना ज्यादा सुरक्षित है। योजना से जुड़े किसी भी भुगतान, दस्तावेज या सब्सिडी के संबंध में आधिकारिक पोर्टल और बिजली वितरण कंपनी की जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भागलपुर में 15 हजार घरों का लक्ष्य इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिले में बड़ी संख्या में घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। यदि निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगते हैं तो इससे पारंपरिक बिजली पर घरेलू निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि वास्तविक बचत हर घर में अलग-अलग होगी और यह सोलर सिस्टम की क्षमता, मौसम, बिजली खपत, छत की स्थिति और नेट मीटरिंग व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर लगाने का एक फायदा यह भी है कि घर की छत पर उत्पादित बिजली का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों में किया जा सकता है। दिन में सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली पहले घर की खपत में इस्तेमाल हो सकती है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की व्यवस्था नेट मीटरिंग के माध्यम से की जा सकती है। इससे बिजली बिल में समायोजन का लाभ मिल सकता है, हालांकि अंतिम बचत संबंधित डिस्कॉम की व्यवस्था और उपभोक्ता की खपत पर निर्भर करती है।
बिहार में योजना के विस्तार के साथ बिजली विभाग की ओर से जागरूकता अभियान और सौर मेलों का भी आयोजन किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों में उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर की लागत, तकनीकी प्रक्रिया, वेंडर चयन और आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी इस तरह की गतिविधियों के जरिए अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
इस योजना के तहत केवल सब्सिडी मिलना ही इसका उद्देश्य नहीं है। रूफटॉप सोलर से बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना भी इसका एक प्रमुख लक्ष्य है। घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित होने से बिजली उत्पादन के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही परिवारों को अपनी बिजली जरूरतों के एक हिस्से के लिए वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध होता है।
बिहार में योजना को लेकर जारी आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में परिवार पहले ही रूफटॉप सोलर की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। जुलाई 2026 के आंकड़ों में राज्य में 24,238 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित होने और 161.76 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी होने की जानकारी सामने आई थी। भागलपुर में उस समय 1144 परिवारों के घर सोलर सिस्टम स्थापित होने की जानकारी दी गई थी, जबकि अब सितंबर में जिले में यह संख्या 1193 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।
अगर कोई परिवार इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो सबसे पहले उसे अपनी बिजली खपत और छत की उपलब्ध जगह के हिसाब से सोलर सिस्टम की क्षमता तय करनी चाहिए। इसके बाद आधिकारिक पीएम सूर्य घर पोर्टल पर आवेदन करना होगा। तकनीकी स्वीकृति के बाद सूचीबद्ध वेंडर से सिस्टम लगवाने और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करने पर पात्रता के अनुसार सब्सिडी की राशि बैंक खाते में भेजी जाएगी।
भागलपुर के जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक योजना के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके लिए जिले का 15 हजार घरों का लक्ष्य यह संकेत देता है कि आने वाले समय में रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया और तेज हो सकती है। हालांकि आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सब्सिडी की राशि, सिस्टम की लागत, वेंडर की शर्तें और स्थानीय बिजली वितरण कंपनी की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक माध्यम से ही जांचनी चाहिए। योजना का लाभ नियमों के अनुरूप पात्र उपभोक्ताओं को ही मिलेगा।
पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक पोर्टल से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पीएम सूर्य घर योजना का आधिकारिक पोर्टल












