भागलपुर में विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से बंद, जनवरी तक मरम्मत का लक्ष्य

भागलपुर का विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से मरम्मत के लिए बंद होगा। बेली ब्रिज हटाकर स्थायी काम कराया जाएगा और जनवरी 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से बंद, जनवरी तक मरम्मत का लक्ष्य
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भागलपुर और आसपास के इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु को स्थायी मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए 1 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह बंद करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को भागलपुर में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा के बाद पुल के स्थायी निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने काम को जनवरी 2027 तक पूरा करने की बात कही है।

विक्रमशिला सेतु भागलपुर की सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह पुल गंगा के ऊपर बना है और भागलपुर को नवगछिया समेत उत्तर बिहार के कई इलाकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में पुल को पूरी तरह बंद किए जाने का सीधा असर स्थानीय आवागमन पर पड़ेगा और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। यही वजह है कि पुल की मरम्मत के साथ-साथ वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहेगी।

मौजूदा व्यवस्था में पुल पर बेली ब्रिज के जरिए सीमित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हालांकि यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही है। स्थायी मरम्मत और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए बेली ब्रिज को हटाना जरूरी होगा। रिपोर्ट के मुताबिक 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू किया जाएगा और इसके बाद मुख्य सेतु पर आवश्यक तकनीकी एवं निर्माण कार्य तेजी से कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य की समय-सीमा को लेकर स्पष्ट लक्ष्य दिया गया है। पहले इस स्थायी कार्य को नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया था, लेकिन अब इसे जनवरी 2027 तक पूरा करने की समय-सीमा रखी गई है। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में पुल से जुड़े निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मरम्मत से जुड़ी अधिकांश निर्माण सामग्री भागलपुर पहुंच चुकी है, जिससे काम शुरू करने की तैयारी को गति मिली है।

पुल बंद होने के दौरान आम लोगों और वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। भागलपुर से नवगछिया और आगे के क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को अपने सफर की योजना पहले से बनानी होगी। खास तौर पर भारी वाहनों, बसों और मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा, ताकि पुल बंद होने के बाद शहर के दूसरे हिस्सों में अचानक यातायात का दबाव न बढ़े।

विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का काम ऐसे समय में हो रहा है जब भागलपुर और आसपास का इलाका इस साल बाढ़ से भी प्रभावित रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत शिविरों का निरीक्षण किया। इसी दौरान पुल से जुड़े निर्माण कार्य और उसकी समय-सीमा को लेकर भी जानकारी सामने आई।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुल से जुड़े काम की टाइमिंग भी महत्वपूर्ण हो जाती है। गंगा का जलस्तर घटने के बाद निर्माण गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जलस्तर कम होते ही 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद स्थायी निर्माण कार्य को गति देने की योजना है।

मुख्यमंत्री की समीक्षा में केवल पुल की मरम्मत ही मुद्दा नहीं था। भागलपुर में बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति, राहत शिविरों की व्यवस्था और आर्थिक सहायता को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी समीक्षा यात्रा के दौरान विक्रमशिला सेतु की कनेक्टिविटी और निर्माण कार्य को लेकर भी समय-सीमा तय की गई।

विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर केवल भागलपुर शहर तक सीमित नहीं रहेगा। इस मार्ग का इस्तेमाल उत्तर बिहार से आने-जाने वाले लोग भी करते हैं। नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्गों में से एक है। इसलिए पुल बंद होने की अवधि में वैकल्पिक मार्गों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। प्रशासन के लिए जरूरी होगा कि ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से डायवर्ट किया जाए और लोगों को समय रहते रूट की जानकारी दी जाए।

पुल के स्थायी निर्माण का काम पूरा होने के बाद भविष्य में आवागमन को अधिक सुचारु बनाने की उम्मीद है। हालांकि अभी प्राथमिकता निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा करना है। जनवरी 2027 की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को लगातार निगरानी करनी होगी, ताकि किसी तकनीकी या प्रशासनिक वजह से काम में अनावश्यक देरी न हो।

बेली ब्रिज फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उपयोग में है, लेकिन इसके हटने के बाद मुख्य पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। इसलिए 1 अक्टूबर के बाद लोगों को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। विशेष रूप से रोजाना पुल पार करने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों, छात्रों और अन्य यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी पहले से रखना जरूरी होगा।

व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। भागलपुर और नवगछिया के बीच माल की आवाजाही के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है। पुल बंद होने की स्थिति में मालवाहक वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है। इससे यात्रा का समय बढ़ सकता है और परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि अंतिम ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी जारी की जानी बाकी है।

पुल बंद करने का फैसला मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है। यदि पुल पर वाहनों की आवाजाही जारी रखते हुए बड़े पैमाने पर स्थायी निर्माण कराया जाता है, तो तकनीकी काम प्रभावित हो सकता है और सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में पूरी तरह बंद करके काम कराने से निर्माण एजेंसी को लगातार और अपेक्षाकृत सुरक्षित तरीके से काम करने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान जनवरी तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अब संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी यही होगी कि निर्माण की समय-सीमा का पालन किया जाए। निर्माण सामग्री की उपलब्धता, मशीनरी, श्रमिकों की तैनाती और तकनीकी प्रक्रियाओं को एक साथ आगे बढ़ाना होगा। बाढ़ के बाद मौसम और नदी की स्थिति भी काम की गति को प्रभावित कर सकती है, इसलिए लगातार निगरानी जरूरी होगी।

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु को लेकर पहले भी लोगों की ओर से पुल बंद किए जाने और यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जाती रही है। ऐसे में प्रशासन के लिए चुनौती यह होगी कि निर्माण कार्य के साथ आम लोगों की परेशानी को भी कम से कम रखा जाए। वैकल्पिक मार्गों पर पर्याप्त यातायात व्यवस्था, सूचना बोर्ड, पुलिस बल और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 से विक्रमशिला सेतु पर सामान्य आवागमन बंद किया जाएगा। बेली ब्रिज को हटाने के बाद स्थायी मरम्मत और निर्माण कार्य कराया जाएगा। सरकार ने इस काम को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पुल के बंद रहने के दौरान यात्रियों और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा और प्रशासन की ओर से जारी यातायात निर्देशों का पालन करना होगा।

भागलपुर के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विक्रमशिला सेतु शहर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की प्रमुख कड़ी है। पुल की स्थायी मरम्मत पूरी होने के बाद इसके फिर से सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद है। अब आने वाले करीब तीन-चार महीने निर्माण कार्य की प्रगति और यातायात प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे। मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद जनवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है और अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि निर्धारित समय में निर्माण कार्य कितना आगे बढ़ता है।

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