भारत अब ईरान नहीं, वेनेजुएला से खरीदेगा तेल; डोनाल्ड ट्रंप का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत ईरान की बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। चीन को भी मौका मिलेगा। भारत सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई। वैश्विक ऊर्जा बाजार हलचल।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत अब ईरान से तेल नहीं खरीदेगा बल्कि वेनेजुएला से खरीदने के लिए डील कर ली है। चीन को भी अवसर मिलेगा। भारत सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब ईरान से तेल खरीदने की बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसके लिए भारत के साथ डील पहले ही कर ली गई है। ट्रंप ने चीन को भी वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए स्वागत किया और इसे एक शानदार अवसर बताया।

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, "चीन का स्वागत है कि वह आए और तेल पर शानदार डील करे। हमने पहले ही भारत के साथ डील कर ली है। वे अब ईरान से खरीदने की बजाय वेनेजुएला से तेल लेंगे। हमने डील का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया है।"

भारत सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं

हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक ट्रंप की इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विदेश मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से इस मामले में चुप्पी बरकरार है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीति के आधार पर ही भविष्य में निर्णय लेगा।

ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ डील की पुष्टि की

ट्रंप ने पहले भी वेनेजुएला को लेकर कई दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ने अमेरिका को 5.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के 50 मिलियन बैरल तेल की पेशकश की थी और अमेरिका ने इसे स्वीकार कर लिया। ट्रंप ने इस डील को एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि तेल की बिक्री से होने वाला रेवेन्यू फिलहाल अमेरिकी सरकार द्वारा नियंत्रित बैंक अकाउंट्स में रखा जाएगा।

सेमाफोर न्यूज आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तेल बिक्री से होने वाली राशि अमेरिका के बैंक अकाउंट में सुरक्षित रखी जा रही है। ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ अच्छे संबंधों की भी बात कही और कहा कि अब कई दबाव कम हो गए हैं।

चीन को भी दिया अवसर

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ डील के अलावा चीन को भी वेनेजुएला से तेल खरीदने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, "चीन का स्वागत है कि वह आए और तेल खरीदे। इससे दोनों देशों के लिए ऊर्जा बाजार में अवसर बनेगा।" ट्रंप के इस बयान से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मची है और विशेषज्ञ इसे रणनीतिक कदम मान रहे हैं।

ट्रंप ने पहले क्या कहा था

ट्रंप ने इससे पहले भी वेनेजुएला की तेल बिक्री को लेकर कई दावे किए थे। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला ने अमेरिका को 50 मिलियन बैरल तेल की पेशकश की और अमेरिकी प्रशासन ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि तेल की प्रोसेसिंग के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता थी और इसे तुरंत संभालना जरूरी था।

ट्रंप ने यह भी बताया कि वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति और उनके प्रशासन के साथ अमेरिका के संबंध अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के साथ सहयोग बढ़ाने और दबाव कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

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