भारत की पहली AI डेटा सिटी बनेगा यह तटीय शहर, निवेश और टेक्नोलॉजी को मिलेगा बढ़ावा

विशाखापत्तनम को भारत की पहली AI डेटा सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। सबमरीन केबल, बड़े निवेश और डेटा सेंटर से AI, IT और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

विशाखापत्तनम को भारत की पहली AI डेटा सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। समुद्र किनारे की रणनीतिक लोकेशन, सबमरीन इंटरनेट केबल और बड़े निवेश इसे हाई-स्पीड डेटा हब बनाएंगे। इस परियोजना से AI, IT सेक्टर और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

AI Data City in India: आंध्र प्रदेश सरकार विशाखापत्तनम को देश की पहली AI फोकस्ड डेटा सिटी बनाने की तैयारी कर रही है। यह परियोजना समुद्र किनारे स्थित शहर में लागू होगी, जहां साउथ-ईस्ट एशिया और सिंगापुर से जुड़ी सबमरीन इंटरनेट केबल्स मौजूद हैं। 100 किलोमीटर के दायरे में हाइपरस्केल डेटा सेंटर और सर्वर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स विकसित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य भारत को वैश्विक AI रेस में मजबूत बनाना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है।

समुद्र किनारे की लोकेशन से टेक्नोलॉजी को बढ़त

विशाखापत्तनम एक प्रमुख पोर्ट सिटी है और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से खास बनाती है। यहां से साउथ-ईस्ट एशिया को जोड़ने वाली समुद्री इंटरनेट केबल्स गुजरती हैं, जिससे हाई स्पीड और लो लेटेंसी डेटा ट्रांसफर संभव होगा।

सरकार सिंगापुर से जुड़ी सबमरीन केबल के लैंडिंग पॉइंट के तौर पर भी शहर को विकसित कर रही है। इसका सीधा फायदा AI कंपनियों को मिलेगा, जिन्हें बड़े डेटा प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मजबूत कनेक्टिविटी की जरूरत होती है।

100 किलोमीटर में बनेगा इंटीग्रेटेड डेटा इकोसिस्टम

योजना के तहत विशाखापत्तनम के 100 किलोमीटर के दायरे में हाइपरस्केल डेटा सेंटर, सर्वर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और एडवांस कूलिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। आंध्र प्रदेश सरकार निजी कंपनियों को आकर्षित कर टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार देना चाहती है।

इस इकोसिस्टम से न सिर्फ IT और AI सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों नए रोजगार भी पैदा होने की उम्मीद है। इससे विशाखापत्तनम को देश के टेक्नोलॉजी मैप पर अलग पहचान मिल सकती है।

अमेरिका-चीन से मुकाबले की तैयारी

AI की वैश्विक दौड़ में अमेरिका और चीन फिलहाल आगे हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश सरकार इसे बदलने की दिशा में काम कर रही है। राज्य के IT मंत्री नारा लोकेश का कहना है कि अब सवाल AI अपनाने का नहीं, बल्कि तेजी से आगे बढ़ने का है।

सरकार का मानना है कि विशाखापत्तनम भारत की AI रणनीति का केंद्रीय बिंदु बन सकता है और वैश्विक निवेश को आकर्षित कर सकता है।

बड़ी कंपनियों का भरोसा, ग्लोबल निवेश

अब तक 700 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स के लिए निवेश समझौते हो चुके हैं। गूगल ने अमेरिका के बाहर अपना सबसे बड़ा AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब यहां स्थापित करने का भरोसा दिया है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, ब्रुकफील्ड और डिजिटल रियल्टी जैसे समूह भी निवेश कर रहे हैं।

नई दिल्ली में होने वाला AI India Impact Summit 2026 इस दिशा में भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत कर सकता है।

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