India और New Zealand के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम उठाते हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसे द्विपक्षीय संबंधों में एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
बिजनेस न्यूज़: भारत और New Zealand के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आखिरकार हस्ताक्षर हो गए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते को वैश्विक व्यापार और निवेश के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे।
रिकॉर्ड 9 महीनों में पूरा हुआ समझौता
भारत और New Zealand के बीच FTA वार्ता मार्च 2025 में शुरू हुई थी और केवल नौ महीनों में इसे अंतिम रूप दे दिया गया। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलेगा। नए FTA के तहत:
- भारत से न्यूजीलैंड को होने वाला 100% निर्यात टैक्स-फ्री होगा
- पहले जिन उत्पादों पर लगभग 10% तक टैरिफ लगता था, वह अब खत्म हो जाएगा
- लगभग 450 भारतीय उत्पादों को सीधा लाभ मिलेगा
इससे भारतीय उद्योगों जैसे टेक्सटाइल, लेदर, सिरेमिक्स, कारपेट और ऑटो पार्ट्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धा मिलेगी।
भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा
FTA के तहत कई प्रमुख सेक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा:
- कपड़ा और परिधान उद्योग
- चमड़ा और फुटवियर उद्योग
- हस्तशिल्प और कालीन उद्योग
- सिरेमिक और घरेलू उत्पाद
- ऑटोमोबाइल और पार्ट्स
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारतीय MSME सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।
भारत ने 95% न्यूजीलैंड उत्पादों पर दी छूट
जहां भारत को निर्यात में लाभ मिलेगा, वहीं भारत ने भी जवाब में New Zealand से आने वाले लगभग 95% उत्पादों पर टैरिफ कम या खत्म कर दिया है।हालांकि, भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। इस समझौते में भारत ने अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।
- दूध, क्रीम, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद शामिल नहीं किए गए
- कृषि उत्पादों पर भी आयात छूट नहीं दी गई
यह कदम भारतीय किसानों और डेयरी उद्योग की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। New Zealand ने अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

छात्रों और पेशेवरों के लिए नए अवसर
FTA का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव शिक्षा और रोजगार पर पड़ेगा। छात्रों के लिए:
- भारतीय छात्रों को पढ़ाई के दौरान 20 घंटे/सप्ताह काम करने की अनुमति
- पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का विस्तार
- शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर
पेशेवरों के लिए:
- 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा का कोटा
- 3 साल तक न्यूजीलैंड में काम करने की अनुमति
- उच्च कौशल वाले भारतीय पेशेवरों को प्राथमिकता
युवाओं के लिए:
- 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा प्रति वर्ष
- 12 महीने तक मल्टी-एंट्री सुविधा
यह समझौता भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत बनाएगा। साथ ही, भारतीय उत्पादों की पहुंच विकसित बाजारों तक आसान होगी। वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि यह समझौता भारत के “विकसित भारत 2047” विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।










