केंद्र सरकार ने धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर की पहल पर लिया गया यह फैसला भोजशाला की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा।
इंदौर: धार की ऐतिहासिक भोजशाला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस धरोहर पर स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इस पहल से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने को केंद्र सरकार की मंजूरी
धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय संचार मंत्रालय ने भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह पहल धार से सांसद और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की मांग पर की गई है। इस निर्णय के बाद भोजशाला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सावित्री ठाकुर ने 1 जून को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया को पत्र लिखकर भोजशाला के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए स्मारक डाक टिकट जारी करने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर भी इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। मंत्रालय ने प्रस्ताव पर विचार करने के बाद इसे स्वीकृति दे दी, जिसकी औपचारिक जानकारी 29 जुलाई को पत्र के माध्यम से दी गई।
राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी नई पहचान
स्मारक डाक टिकट किसी ऐतिहासिक स्थल, व्यक्तित्व या सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का माध्यम माना जाता है। भोजशाला पर डाक टिकट जारी होने से इसकी ऐतिहासिक विरासत देश और विदेश तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी। इससे नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातात्विक धरोहरों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि भोजशाला केवल धार या मध्य प्रदेश की धरोहर नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उनके अनुसार इस निर्णय से देशभर में भोजशाला की पहचान और मजबूत होगी तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी।
पर्यटन और स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मारक डाक टिकट जारी होने के बाद भोजशाला राष्ट्रीय स्तर पर अधिक चर्चित होगी, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पहलें ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। धार जिले के लिए यह फैसला गौरव का विषय माना जा रहा है।
जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने का दावा
सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं से जुड़े विषयों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगे भी ऐसे मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और सकारात्मक समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी होने के बाद यह ऐतिहासिक स्थल राष्ट्रीय धरोहर के रूप में और अधिक पहचान प्राप्त करेगा। इसके साथ ही भारतीय डाक विभाग के माध्यम से भोजशाला का इतिहास और महत्व देशभर के लोगों तक पहुंचने का नया माध्यम भी तैयार होगा।












