IMD Weather Alert: 17 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

IMD Weather Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में जलभराव और

देश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी के बीच मौसम विभाग ने नया अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी दी गई है।

नई दिल्ली: भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग (IMD) ने 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर क्षेत्र और पश्चिमी तटीय राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

किन राज्यों में जारी हुआ बारिश और आंधी का अलर्ट?

IMD के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और राजस्थान समेत कई राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता सभी राज्यों में समान नहीं होगी। 

कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कई इलाकों में भारी वर्षा और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तर भारत में सबसे अधिक असर की संभावना

उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका है। दिल्ली-एनसीआर में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिल सकती है।

बिहार और पूर्वी भारत में बढ़ सकती है चुनौती

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के कारण कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। बिहार के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इसी तरह झारखंड में भी कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।

पश्चिमी भारत में भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें

गुजरात और महाराष्ट्र में हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद एक बार फिर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। तटीय और निम्न इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है ताकि संभावित बाढ़ या जल निकासी संबंधी समस्याओं से समय रहते निपटा जा सके।

दक्षिण भारत के राज्यों, विशेष रूप से केरल और तमिलनाडु में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ हवाएं चल सकती हैं। केरल में पहाड़ी इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है।

मौसम में बदलाव की वजह क्या है?

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मौसम प्रणाली कई सक्रिय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण प्रभावित हो रही है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के ऊपर मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। 

इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही सिस्टम आने वाले दिनों में मानसून को और सक्रिय बनाए रख सकता है।

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